महाराष्ट्र के औरंगाबाद में हुई हिंसा मामले में अब राजनीति गरमाने लगी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ओर से बयानबाजी शुरू हो गई है। शिवसेना उद्धव गुट के नेताओं ने भाजपा और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ऐसा शहर में 2 अप्रैल को होने वाली महा विकास अघाड़ी की रैली में व्यावधान डालने के लिए किा गया है। बता दें कि औरंगाबाद में युवाओं के बीच हुई एक झड़प के बाद बुधवार की रात 500 लोगों की भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया था। पुलिस के अनुसार यह घटना औरंगाबाद शहर के किरादपुरा इलाके में हुई, जहां एक प्रसिद्ध राम मंदिर है। यह घटना रामनवमी की पूर्व संध्या पर हुई।
औरंगाबाद में विपक्षी महाविकास अघाड़ी जिसके घटक शिवसेना उद्धव गुट, एनसीपी और कांग्रेस हैं, औरंगाबाद शहर में दो अप्रैल (रविवार) को रैली करने वाले हैं। बता दें कि औरंगाबाद का नाम बदलकर अब छत्रपत संभाजीनगर कर दिया गया है।
विपक्ष का आरोप- एआईएमआईएम भाजपा की 'बी' टीम है
भाजपा और एआईएमआईएम पर निशाना साधते हुए शिवसेना उद्धव गुट के नेता चंदकांत खैरे ने कहा, "एआईएमआईएम के इम्तियाज जलील, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री भगवत कराद जो औरंगाबाद से हैं, दोस्त हैं। यह प्लान उन्हीं लोगों का था। हिंसा का मकसद महाविकास अघाड़ी की रैली में व्यावधान पैदा करना था। लोगों का यह भी कहना है कि एआईएमआईएम भाजपा की 'बी' टीम है। उधर, शिवसेना उद्धव गुट के दूसरे नेता संजय राउत ने आरोप लगाया है कि जानबूझकर तनाव का माहौल बनाया जा रहा है, गृह मंत्री फडणवीस को पता होना चाहिए कि दोषी कौन है?
महाराष्ट्र विधानपरिषद् में विपक्ष के नेता और शिवसेना उद्धव गुट के अंबा दास दाणवे ने कहा, "हमें शांति बहाल करनी चाहिए। पिछले एक महीने से मैं कह रहा हूं कि शहर में शांति भंग करने की कोशिश की जा रही है। औरंगाबाद का नाम बदलने के खिलाफ पिछले 15 दिनों से एआईएमआईएम विरोध प्रदर्शन कर रहा है।
शिवसेना उद्धव गुट के नेता बोले- अगर कोई पुलिस पर हमला करता है तो उसके हाथ काट दो
पुलिस ने उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की?" उन्होंने कहा, "पुलिस को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जिन्होंने हमला किया। अगर कोई पुलिस पर हमला करता है तो उसका हाथ काट दिया जाना चाहिए।" उन्होंने कहा कि सत्ताधारी भाजपा-शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और एआईएमआईएम लोगों को भरकाने की कोशिश कर रहे हैं।"
वहीं औरंगाबाद से एआईएमआईएम के लोकसभा सांसद इम्तियाज जलील ने पत्रकारों से कहा कि ऐसे आरोप अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "अगर कुछ अच्छा होता है तो यह उनकी वजह से होता है और अगर कुछ बुरा होता है तो उसके लिए एआईएमआईएम जिम्मेदार है।"
घटना पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री कराद ने कहा कि कुछ लोग 12 बजे रात को मंदिर गए थे। उन लोगों पर उपद्रवियों ने हमला कर दिया, जिससे दंगा शुरू हो गया। इसमें कुछ जनप्रतिनिधि भी शामिल हो सकते हैं खासकर एआईएमआईएम के प्रतिनिधि। उन्होंने एकआईएमआईएम सांसद पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव सामने हैं इसलिए एआईएमआईएम नेता राम मंदिर गए जो कि गलत है।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष ने शिंदे-फडणवीस सरकार से पद छोड़ने को कहा
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने गुरुवार को शिवसेना शिंदे गुट-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार से तत्काल पद छोड़ने की मांग की है। पटोले ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने राज्य में धार्मिक विवादों के बेकाबू होने पर गुस्सा जाहिर किया है। पटोले ने एक बयान में आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पिछले नौ महीनों में महाराष्ट्र की छवि को बड़ा झटका लगाया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ संगठनों के सदस्यों की ओर से दिए गए भड़काऊ भाषणों के कारण राज्य में सांप्रदायिक विवाद बढ़ रहे हैं, लेकिन शिंदे-देवेंद्र फडणवीस सरकार उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।