प्रवासी मजदूर की मौत और एक अन्य मजदूर पर हमले के आरोपों के बाद पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में फिर तनाव फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने NH-12 और रेल मार्ग जाम किए, तोड़फोड़ हुई और पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए बल प्रयोग किया। जानिए पूरा मामला
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शनिवार को एक बार फिर तनाव भड़क उठा, जब प्रदर्शनकारियों ने बेलडांगा इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-12 और रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया। यह विरोध एक दिन पहले हुई हिंसक घटनाओं के बाद सामने आया है, जिनके चलते राज्य के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के बीच सड़क और रेल संपर्क घंटों तक ठप रहा था।
पुलिस के अनुसार, बेलडांगा के बरुआ मोड़ पर सैकड़ों स्थानीय लोग एकत्र हुए और NH-12 पर बैठ गए, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
प्रदर्शनकारियों ने एक रेलवे गेट को नुकसान पहुंचाया और ट्रेन सेवाओं को बाधित करने की कोशिश भी की।
हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने कुछ स्थानों पर लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया, हालांकि स्थानीय लोगों ने बल प्रयोग का आरोप लगाया है।
एक और प्रवासी मजदूर के साथ मारपीट का आरोप
शनिवार को तनाव की नई वजह यह आरोप बना कि इलाके के एक और प्रवासी मजदूर अनीसुर शेख के साथ बिहार में बेरहमी से मारपीट की गई है। इस खबर से लोगों का गुस्सा फिर भड़क उठा, जो शुक्रवार की हिंसा के बाद कुछ हद तक शांत हुआ था। पुलिस ने बड़ी संख्या में बल तैनात किया, जबकि स्थानीय विधायक हुमायूं कबीर मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों व अधिकारियों से बातचीत कर स्थिति को संभालने की कोशिश की।
कबाड़ का काम करने वाले मजदूर की मौत बनी वजह
गौरतलब है कि शुक्रवार से बेलडांगा में हालात तनावपूर्ण हैं। 36 वर्षीय प्रवासी मजदूर अलाउद्दीन शेख का शव झारखंड में उसके किराए के कमरे से बरामद हुआ था, जहां वह कबाड़ का काम करता था। परिजनों का आरोप है कि उसकी पीट-पीटकर हत्या की गई और बाद में आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को लटका दिया गया। शव के गांव पहुंचते ही आक्रोश फैल गया और विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए।
पथराव में 12 लोग समेत पत्रकार घायल
शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने सीलदह-लालगोला रेल लाइन को महेशपुर में जाम कर दिया और NH-12 पर टायर जलाए।
करीब साढ़े पांच घंटे तक सड़क और रेल यातायात बाधित रहा। इस दौरान एक पुलिस वाहन और ट्रैफिक कियोस्क में तोड़फोड़ हुई।
पथराव में कम से कम 12 लोग घायल हुए, जिनमें पत्रकार भी शामिल थे।
एक महिला पत्रकार के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई, जबकि दूसरी को गंभीर हालत में मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मोदी की जनसभा के दिन प्रदर्शन
शनिवार का विरोध ऐसे दिन हुआ, जब प्रधानमंत्री मोदी राज्य में सरकारी कार्यक्रमों और जनसभा में शामिल हुए। प्रशासन ने शांति बहाल करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट नितिन सिंघानिया ने कहा कि प्रवासी मजदूरों की स्थिति पर नजर रखने के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया जाएगा।
मुद्दे के बीच एक सियासी बहस हो रही है?
इस मुद्दे ने सियासी रूप भी ले लिया है। तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी शासित राज्यों में बंगाली भाषी प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया है, जबकि विपक्ष ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था और पत्रकारों की सुरक्षा में नाकाम रहने का आरोप लगाया। पुलिस ने बताया कि बेलडांगा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है, हालांकि इलाके में तनाव अब भी बना हुआ है।