गणतंत्र दिवस के दौरान किसानों के ट्रैक्टर मार्च में हुई हिंसा ने पूर्र देश को शर्मसार कर दिया। दिल्ली पुलिस ने इस मामले की जांच को रफ्तार दे दी है। शनिवार को पुलिस ने ट्रैक्टर मार्च हिंसा में कुल 38 एफआईआर दर्ज कर 84 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। वीडियो, फोटो और सीसीटीवी फुटेज के आधार में पुलिस ने कई लोगों की पहचान की है। पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
शनिवार को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच में 12 किसान नेताओं को नोटिस भेजकर उनको जांच में शामिल होने के लिए कहा। क्राइम ब्रांच के अधिकारी एफएसएल की दो टीमों के साथ लालकिला भी पहुंची। पुलिस की टीम ने जहां मामले की जांच की वहीं एफएसएल की टीमों ने मौके से ब्लड और फिंगर प्रिंट व अन्य सक्ष्य जुटाए। कई घंटे यहां बिताने के बाद क्राइम ब्रांच के अधिकारी वापस लौटे।
मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मार्च के दौरान किसानों ने लालकिला पर तिरंगे के साथ एक धर्मविशेष का झंडा फहराकर वहां तोड़फोड़ की थी। शनिवार को लालकिले की प्राचीर समेत अन्य जगहों की जांच की गई। लालकिले के बाहरी और अंदर के हिस्से में हुई तोड़फोड़ की फोटाग्राफी भी करवाई गई। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने उन गहरी खाईयों की गहराई भी नापी, जिसमें हिंसा के कुछ जवानों को जबरन नीचे गिरा दिया गया था। इसमे पुलिस के कई जवान जख्मी हुए थे।
लालकिले पर हुए बलवे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वहां हुए बवाल के दौरान कुल 142 जवान बुरी तरह जख्मी हो गए थे। कई जवानों हाथ और पैरों में फ्रेक्चर भी हो गया था। अपराध शाखा के अधिकारियों का कहना है कि लालकिला के अंदर घुसने के दर्जनों वीडियो उनको मिले हैं। उसके आधार पर उपद्रव करने वालों की पहचान की जा रही है। पुलिस को बवाल के दौरन कई ट्रैक्टर व अन्य वाहनों की नंबर भी मिले हैं। उसके आधार पर पुलिस उपद्रवियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
वहीं दूसरी ओर पुलिस ने लालकिला पुलिस चौकी के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज व उसके डीवीआर को अपने कब्जे में लिया। इसके अलावा उस दिन ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बयान भी लिये गए। पुलिस अधिकारी उस दिन हुए बवाल के चश्मदीदों की तलाश भी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि ऐसा कभी नहीं हुआ था कि लालकिला परिसर में कोई अपने वाहन लेकर घुस जाए।
बवाल के दौरान किसान ट्रैक्टर, बाइक व दूसरे वाहन लेकर वहां पहुंच गए थे। इनकी कई वीडियो पुलिस को मिली है। पुलिस की अपील के बाद कई मीडिया संस्थानों ने भी अपने फोटो और वीडियो पुलिस को मुहैया करवाए हैं। उसके आधार पर बाकी लोगों की पहचान की जा रही है। अधिकारी ने बताया कि अपराध शाखा इस मामले में अब तक कुल 60 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। 38 एफआईआर में अपराध शाखा नौ मामलों की जांच कर रही है।
धरने पर पहुंचे रामपाल जाट को पुलिस ने लिया हिरासत में
बापू की पुण्यतिथि पर राजघाट धरना देने पहुंचे किसान नेता रामपाल जाट को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने रामपाल के साथ उनके चार साथियों को भी हिरासत में ले लिया। सभी को दरियागंज स्थित थाने लाया गया। पुलिस सभी से पूछताछ करने में जुटी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि रामपाल जबरन अंदर घुसने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने उनको हिरासत में लिया। बाद में उनको रिहा कर दिया गया।