पालघर हिंसा मामले में 90 दिनों तक कोई आरोपपत्र दाखिल नहीं किए जाने के कारण एक स्थानीय अदालत ने 28 आरोपियों को जमानत दे दी। 16 अप्रैल को पालघर में भीड़ ने चोरी के शक में दो साधुओं और उनके ड्राइवर पर हमला बोल दिया था। भीड़ ने तीनों को पीट पीटकर मार डाला था। दहानू के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट एमवी जावले ने आरोप पत्र दाखिल नहीं होने के चलते मामले के 28 आरोपियों की रिहाई का आदेश दिया। सरकारी वकील अमृत अधिकारी ने बताया कि पहली दो एफआईआर के आधार पर पुलिस ने इन 28 लोगाें को गिरफ्तार किया था।
हालांकि अधिकारी ने बताया कि इनमें से 18 लोगों को वापस हिरासत में लिया जाएगा क्योंकि इनका नाम उन 47 लोगों में शामिल है जिनके खिलाफ पुलिस को रोकने, दंगा भड़काने और हत्या के प्रयास के लिए एक अन्य आरोप पत्र दाखिल हुआ है। पुलिस ने भीड़ हिंसा के इस मामले में कुल 154 लोगों को गिरफ्तार किया था।