विस्ट्रॉन ने 12 दिसंबर को ताइवान स्टॉक एक्सचेंज को कोलार जिले के नरसापुरा के अपने आईफोन विनिर्माण संयंत्र में हिंसा की जानकारी दी थी। कर्मचारियों ने शिकायत की थी कि उन्हें सही तरीके से वेतन नहीं दिया जाता है। यह भी शिकायत थी कि महिलाओं को नियुक्त किया जाता है, लेकिन उनके लिए उचित व्यवस्था नहीं है। उनसे आठ के बजाय 12 घंटे काम लिया जाता है। कंपनी की तरफ से उनकी तमाम शिकायतों को अनसुना किया जाता रहा और एक दिन कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा।
घटना के वक्त करीब 2,000 कर्मचारियों में से अधिकांश अपनी नाइट-शिफ्ट पूरी करने के बाद कंपनी से बाहर निकल रहे थे, तभी वे उग्र हो गए और फर्नीचर, असेंबली इकाइयों को क्षति पहुंचाने पर उतारू हो गए और वाहनों में भी आग लगाने का प्रयास किया। आगजनी के दौरान कुछ साथी कर्मचारियों ने घटना का वीडियो शूट कर लिया, जिसमें भीड़ को दरवाजों और शीशों को तोड़ते, कारों को उल्टा करते और वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालयों को निशाना बनाते हुए देखा गया।
कंपनी को 437 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ
इस तोड़फोड़ से कंपनी को 437 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसकी जानकारी विस्ट्रॉन ने पुलिस को दी है। इस संबंध में कंपनी ने पुलिस और कर्मचारी विभाग में मामला दर्ज कराया है। कंपनी की ओर से लिखित शिकायत में कहा गया है कि इस तोड़फोड़ से उसे करीब 437 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। शिकायत में कहा गया है कि कई लोगों ने आईफोन की चोरी भी की है और सबसे ज्यादा नुकसान आईफोन की चोरी से ही हुआ है। अन्य नुकसान फैक्ट्री की असेंबली लाइन में सामान की बर्बादी से हुआ है।
जांच में तेजी लाने का निर्देश
कर्नाटक की उद्योग अनुकूल छवि पर इस घटना को धब्बा करार देते हुए केंद्र ने राज्य सरकार को जांच में तेजी लाने को कहा है। साथ कहा कि राज्य सरकार सुनिश्चित करे कि इस तरह की घटनाओं से निवेश प्रभावित नहीं होना चाहिए।