सार
नेशनल क्राइम रेकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 'क्राइम इन इंडिया 2021' रिपोर्ट के महिला हिंसा के आंकड़ों का जिक्र करते हुए गिरिराज सिंह ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत में 2021 में बलात्कार के 31,677 मामले दर्ज किए गए यानी औसतन रोज 86।
महिलाओं के खिलाफ हिंसा को लेकर केंद्रीय ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने बड़ी बात कही है। सिंह ने कहा कि महिाओं के खिलाफ किसी भी हिंसा को धार्मिक नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए। इसकी बगैर पूर्वाग्रह के निंदा की जाना चाहिए।
नेशनल क्राइम रेकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 'क्राइम इन इंडिया 2021' रिपोर्ट के महिला हिंसा के आंकड़ों का जिक्र करते हुए गिरिराज सिंह ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत में 2021 में बलात्कार के 31,677 मामले दर्ज किए गए यानी औसतन रोज 86। आंकड़ों के अनुसार 2021 में हर घंटे देश में महिलाओं के प्रति 49 अपराध दर्ज हुए। रिपोर्ट के अनुसार 2020 में दुष्कर्म के 28,046 केस दर्ज हुए थे, जबकि 2019 में 32,033 केस दायर हुए थे।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह शुक्रवार को दिल्ली में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के 'लिंग आधारित भेदभाव के खिलाफ समुदायिक-नेतृत्व वाले राष्ट्रीय अभियान' के शुभारंभ कार्यक्रम में बोल रहे थे।
'नई चेतना-पहल बदलाव की' अभियान शुरू
केंद्रीय मंत्री सिंह ने महिलाओं व लड़कियों के खिलाफ लैंगिक हिंसा के खिलाफ एक माह चलने वाले 'नई चेतना-पहल बदलाव की' अभियान का शुभारंभ किया। 25 नवंबर से 23 दिसंबर तक यह अभियान देश के सभी राज्यों व संघ शासित राज्यों में चलेगा। इसका मकसद महिला हिंसा के खिलाफ जनजागरण व उन्हें इससे बचाव के संसाधनों व कानूनों के बारे में अवगत कराना है। यह सालाना अभियान है। इसमें हर साल लैंगिक भेदभाव व हिंसा के मुद्दों पर मंथन किया जाता है। इस साल का मुख्य विषय लैंगिक हिंसा है। इसमें सभी सरकारी विभाग व सामाजिक संगठन हिस्सा लेंगे।
160 नारी चेतना केंद्रों का उद्घाटन
मंत्री गिरिराज सिंह ने 13 राज्यों में 160 लैंगिक रिसोर्स सेंटरों का भी उद्घाटन किया। इन्हें उन्होंने 'नारी चेतना केंद्र' करार दिया। ये महिला व बाल विकास मंत्रालय के वन स्टॉप सेंटर (OSCs) के साथ काम करेंगे। इनका उद्देश्य निजी और सार्वजनिक स्थानों, परिवार, समुदाय और कार्यस्थल पर हिंसा से प्रभावित महिलाओं की मदद करना है। देश भर में 1,251 केंद्र बनाए गए हैं। यहां लैंगिक हिंसा का सामना करने वाली महिलाएं मदद मांग सकती हैं।