बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के भाजपा नेता व पूर्व सांसद किरीट सोमैया को आज गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान कर दी। आईएनएस विक्रांत से जुड़े धोखाधड़ी मामले में हाईकोर्ट ने उन्हें यह राहत दी गई है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने उन्हें चार दिन तक पूछताछ में सहयोग करने का निर्देश भी दिया है।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि सोमैया को गिरफ्तार किया जाता है तो उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा किया जाए। कोर्ट उनकी अग्रिम जमानत अर्जी पर दो सप्ताह बाद 28 अप्रैल को सुनवाई करेगी।
18 अप्रैल से पूछताछ के लिए पेश हों
बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस अनुजा प्रभुदेसाई ने सोमैया को निर्देश दिया कि वे 18 अप्रैल अगले चार दिन तक मामले की जांच करने वाले मुंबई पुलिस के अधिकारी के समक्ष सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक पूछताछ के लिए पेश हों। सोमैया को यह अंतरिम राहत देने के साथ ही हाईकोर्ट ने कहा कि वह उनकी अग्रिम जमानत की अर्जी पर 28 अप्रैल को आगे सुनवाई करेगी।
भाजपा नेता सोमैया व उनके पुत्र नील सोमैया के खिलाफ 6 अप्रैल को ट्रॉम्बे पुलिस थाने में एक पूर्व सैन्यकर्मी की शिकायत पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। सैन्यकर्मी ने दावा किया है कि किरीट सोमैया ने वर्ष 2013 नौसेना के युद्धपोत आईएनएस विक्रांत के संरक्षण के लिए 57 करोड़ रुपये चंदा जुटाया था। यह राशि आरंभिक योजना के अनुसार राजभवन के कोष में जमा नहीं कराई गई।
बहुप्रचारित राजनीतिक मामला, 57 करोड़ का आंकड़ा कहां से आया?
सोमैया के वकील अशोक मुंदरगी ने बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई में कहा कि यह राजनीतिक रूप से बहुप्रचारित मामला है। आईएनएस विक्रांत को बचाने के लिए पूर्व में कई अभियान चलाए गए थे। सोमैया ने भी मुंबई में चर्चगेट स्टेशन के पास चंदा अभियान चलाया था। दिसंबर 2013 को इस अभियान में चर्चगेट के पास 11,224 रुपये चंदा जुटाया गया था। कोई नहीं जानता कि 57 करोड़ रुपये का आंकड़ा कहां से आया।
11 हजार के चंदे का क्या हुआ : हाईकोर्ट
जब कोर्ट ने यह पूछा कि क्या सोमैया जानते हैं कि 11 हजार रुपये के चंदे का क्या हुआ था? इस पर वकील ने कहा कि उन्हें कुछ पता नहीं है। मुंदरगी ने कहा कि हमारे द्वारा जुटाई गई इस राशि को लेकर राज्यपाल को पत्र भेजा गया था, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया। यह पैसा किसी पार्टी कार्यकर्ता के पास या कहीं जमा होगा।
पुलिस सोमैया व शिकायकर्ता दोनों से पूछताछ करेगी
इस पर पुलिस की ओर से पेश हुए वकील शिरिष गुप्ते ने हाईकोर्ट से कहा कि केस की जांच चल रही है। पुलिस सोमैया व शिकायकर्ता दोनों से पूछताछ करना चाहती है। हमें सोमैया की हिरासत चाहिए, वह कहां हैं, यह हमें पता नहीं चल रहा है। उन्हें सीआरपीसी की धारा 41 ए के तहत पूछताछ के लिए पेश होने का समन भेजा गया है। यह समन उन्हें सौंपा नहीं जा सका, इसलिए उनके घर पर चस्पा किया गया है।
इस पर मुंदरगी ने कहा कि भाजपा नेता जांच में सहयोग करना चाहते हैं। वह मुंबई से बाहर चले गए हैं, क्योंकि उन्हें कोर्ट जाने का अवसर दिए बगैर गिरफ्तार किए जाने की आशंका थी।
अस्पष्ट व न्यूज रिपोर्ट पर आधारित हैं आरोप
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सोमैया को राहत प्रदान करते हुए हाईकोर्ट ने इस बात पर संज्ञान लिया कि एफआईआर में लगाए गए आरोप अस्पष्ट व मुख्य रूप से न्यूज रिपोर्ट पर आधारित हैं। कोर्ट ने कहा कि दुर्भाग्य से 2013 से 2022 तक इस मामले में कुछ नहीं किया गया, कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई। इन बातों को देखते हुए यह अंतरिम राहत प्रदान करने का उपयुक्त केस है।