टीवीके के महासचिव एन आनंद ने कहा कि इतिहास रहा है कि तमिलनाडु में आमतौर पर सत्तारूढ़ सरकार लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पालन किए बिना उपचुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत का इस्तेमाल करती है। इसलिए टीवीके विक्रवंडी उपचुनाव की तरह इरोड (पूर्व) उपचुनाव का बहिष्कार करेगी।
दक्षिण फिल्मों के अभिनेता विजय की राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने भी इरोड पूर्व विधानसभा उपचुनाव का बहिष्कार करने का एलान किया है। इससे पहले एआईएडीएमके और डीएमडीके उपचुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा कर चुकी है।
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टीवीके के महासचिव एन आनंद ने कहा कि इतिहास रहा है कि तमिलनाडु में आमतौर पर सत्तारूढ़ सरकार लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पालन किए बिना उपचुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत का इस्तेमाल करती है। इसलिए टीवीके विक्रवंडी उपचुनाव की तरह इरोड (पूर्व) उपचुनाव का बहिष्कार करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि टीवीके चुनाव में अपना समर्थन नहीं देगी। साथ ही कोई उम्मीदवार भी नहीं उतारेगी।
इससे पहले एआईएडीएमके और भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने उपचुनाव नहीं लड़ने एलान किया था। एआईएडीएमके नेता डी जयकुमार ने आरोप लगाया कि डीएमके उपचुनाव में जीत हासिल करने के लिए धन और बाहुबल का इस्तेमाल करने की कोशिश करेगी, लेकिन मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की यह रणनीति 2026 के विधानसभा चुनाव में काम नहीं आएगी।
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उन्होंने कहा कि एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी ने इरोड पूर्व उपचुनाव पर हमारा रुख पहले ही स्पष्ट कर दिया है। अब क्या उपचुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होगा? चुनाव आयोग शायद हस्तक्षेप न करे। उन्होंने कहा कि स्टालिन की रणनीति 2026 के विधानसभा चुनाव में काम नहीं करेगी। यौन उत्पीड़न, ईबी टैरिफ बढ़ोतरी और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर लोगों का गुस्सा 2026 के चुनाव में नजर आएगा। लोग 2026 के चुनावों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
वहीं एनडीए ने आरोप लगाया कि डीएमके ने 2023 में लोगों के साथ अत्याचार किया। हम नहीं चाहते कि लोगों को फिर से बंदी बनाया जाए। एनडीए ने 2026 के विधानसभा चुनावों में डीएमके को खत्म करने और लोगों को सुशासन देने का संकल्प दोहराया। एनडीए ने कहा कि इरोड पूर्व निर्वाचन क्षेत्र के लिए होने जा रहे उपचुनाव का हम बहिष्कार करेंगे। 2023 में होने वाले उपचुनाव के दौरान हमने जनता को प्रताड़ित होते देखा। सत्तारूढ़ दल के रूप में सत्ता के लालच में डीएमके ने सभी चुनाव नियमों का उल्लंघन किया।
डीएमडीके ने भी उपचुनाव लड़ने से इनकार किया
वहीं देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कषगम (डीएमडीके) ने भी पांच फरवरी को होने वाले इरोड (पूर्व) विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की है। डीएमडीके महासचिव प्रेमलता विजयकांत ने कहा कि पिछली बार डीएमके ने लोकतंत्र विरोधी चुनाव कराकर जीत की घोषणा की थी। उपचुनाव की वही शैली फिर से होने जा रही है। इसलिए इस लोकतंत्र विरोधी चुनाव में विश्वास की कमी के कारण डीएमडीके इरोड पूर्व उपचुनाव का बहिष्कार कर रही है।