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'भारत कब लौटूंगा, कह नहीं सकता': भगोड़े विजय माल्या ने बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने रखी ये दलील; न आने की बताई वजह

Wed, 18 Feb 2026 09:00 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।

सार

बैंकों के साथ हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के कई मामलों का सामना कर रहे भगोड़े व्यवसायी विजय माल्या ने भारत नहीं लौटने के लिए ब्रिटेन के कानून का बहाना बनाया है।
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विजय माल्या - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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भारत में धोखाधड़ी और धनशोधन के कई मुकदमों का सामना कर रहा भगोड़ा कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार को बंबई हाईकोर्ट में दलील दी कि वह स्वदेश लौटने की समयसीमा नहीं बता सकता क्योंकि उसके ब्रिटेन छोड़ने पर वहां की अदालत ने कानूनी रोक लगाई है।

माल्या ने अपने वकील अमित देसाई के माध्यम से उच्च न्यायालय को बताया कि उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है, इसलिए उसके पास यात्रा के लिए यह महत्वपूर्ण दस्तावेज नहीं है। उसने कहा कि वह इस कारण से भारत लौटने की निश्चित तारीख नहीं बता सकता। यह बयान मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड़ की पीठ की ओर से पिछले सप्ताह यह स्पष्ट किए जाने के बाद प्रस्तुत किया गया कि जब तक माल्या भारत नहीं लौट आते, तब तक वे उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने वाले आदेश के विरुद्ध उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं करेंगे।

हाईकोर्ट ने माल्य से स्पष्ट रूप से यह बताने को कहा था कि वह कब तक भारत लौटेंगे। माल्य के बयान को उनके वकील ने अदालत में पढ़कर सुनाया, जिसमें कहा गाय है कि माल्या को इंग्लैंड और वेल्स छोड़ने या छोड़ने का प्रयास करने, किसी भी अंतरराष्ट्रीय यात्रा दस्तावेज के लिए आवेदन करने या उसे अपने पास रखने की अनुमति नहीं है। किसी भी स्थिति में, याचिकाकर्ता यह स्पष्ट रूप से बताने में असमर्थ है कि वह भारत कब लौटेगा।
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2016 में देश छोड़कर भागे माल्या 
माल्या मार्च 2016 में भारत छोड़कर भाग गए थे और उसके बाद से वह ब्रिटेन में रह रहे हैं। माल्या ने हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की हैं, एक में उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने वाले आदेश को चुनौती दी गई है और दूसरी में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम की सांविधानिक वैधता पर सवाल उठाया गया है। 70 वर्षीय शराब कारोबारी पर कई हजार करोड़ रुपये के ऋणों का भुगतान न करने का आरोप है और उन पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप भी हैं। मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के मामले में सुनवाई करते हुए जनवरी 2019 में एक विशेष अदालत ने माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था।

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