विजय माल्या ने बैंकों से मिले कर्ज को अवैध तरीके से विदेश भेजा है। विजय माल्या के बारे में प्रवर्तन निदेशालय के हाथ ऐसे कई सबूत आए हैं, जिससे यह यह जानकारी मिली है। इस मामले में ईडी ने कुछ अन्य एजेंसियों के साथ मिल कर छानबीन शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि इस मामले पर ईडी के निदेशक करनैल सिंह खुद नजर रख रहे हैं। विजय माल्या पर बैंकों का 9,000 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है और वे फिलहाल देश छोड़ कर लंदन चले गए हैं।
प्रवर्तन निदेशालय के एक अधिकारिक सूत्र का कहना है कि किसी बैंक से कर्ज ली गई राशि को किसी विदेशी खाते में में हस्तांतरित नहीं किया जा सकता। लेकिन विजय माल्या के मामले में ऐसा हुआ है।
पता चला है कि इस बारे में बैंकों को भी सूचित नहीं किया गया था, इसलिए उनके खिलाफ काले धन को सफेद बनाने के कानून (मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस बारे में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) भी जांच कर रहा है और उसने बैंक लोन से जुड़ी कुछ फाइलों को पहले ही अपने कब्जे में ले लिया है।