बैंकों से 9,000 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोपी विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के मामले पर सुनवाई कर रही मुंबई की विशेष अदालत से सोमवार को राहत मिल गई है। कोर्ट ने माल्या की जवाब दाखिल करने के लिए समय देने की अर्जी स्वीकार करते हुए 24 सितंबर तक का वक्त दिया है।
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील ने कहा कि कानून के अनुसार माल्या को नोटिस का जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय नहीं दिया जा सकता। यहां तक कि कोर्ट भी आर्थिक भगोड़ा अपराधी कानून के मानदंडों के तहत एक हफ्ते से ज्यादा समय देने में सक्षम नहीं है।
ईडी ने माल्या पर शिकंजा कसते हुए नए कानून के तहत भगोड़ा घोषित करने की अपील की है। किसी आर्थिक आरोपी के खिलाफ नए कानून के तहत शुरू की गई यह पहली कार्रवाई है। इससे पहले इसी अदालत ने ईडी के आवेदन पर 30 जून को एक नोटिस जारी कर माल्या को 27 अगस्त को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था। जांच एजेंसी ने माल्या की 12,500 करोड़ की संपत्ति तत्काल जब्त करने का आग्रह भी किया है। इससे पहले अदालत ने माल्या के खिलाफ ईडी की ओर से दर्ज दो मामलों में गैर-जमानती वारंट जारी किया था।
इससे पहले कोर्ट ने मामले में कुछ और लोगों के खुद को पक्षकार बनाने के अनुरोध पर सुनवाई 3 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी थी। माल्या के परिवार के एक सदस्य सहित पांच लोगों ने ईडी की ओर से नए कानून के तहत शराब करोबारी को आर्थिक भगोड़ा घोषित कराने के मुकदमे के दस्तावेज अदालत से मांगे हैं।