अदालत ने शराब कारोबारी विजय माल्या को फेरा मामले में बृहस्पतिवार को भगौड़ा घोषित कर दिया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने माल्या को पेश होने के लिए कई बार समन व वारंट जारी किए लेकिन उसके पेश न होने पर उसे भगौड़ा घोषित किया गया है। यह मामला विदेशी विनिमय अधिनियम (फेरा) उल्लंघन से जुड़ा है।
ईडी के मुताबिक
माल्या ने किंग फिशर एयरलाइन के प्रोमोशन के लिए ब्रिटेन में फार्मूला वन रेस के लिए दो लाख पाउंड दिये थे, लेकिन संबंधित नियम व कानून का पालन नहीं किया था।
पटियाला हाउस स्थित सीएमएम दीपक सेहरावत ने विजय माल्या को भगौड़ा घोषित करते हुए कहा एजेंसी की दलीलों, 30 दिन की अवधि के बाद भी पेश न होने और उनकी ओर से कोई प्रतिनिधि पेश न होने के मद्देनजर आरोपी को भगौड़ा घोषित किया।
ईडी के विशेष अधिवक्ता एनके माटा ने कोर्ट के समक्ष कहा था कि विजय माल्या को उसके घर व कार्यालय पर कई बार समन भेजे गए हैं। उसे समन देने के लिए समाचार पत्र में भी प्रकाशन करवाया गया है लेकिन इसके बाद भी जवाब नही दिया। वह जानबूझकर जांच में शामिल होने से बच रहा है।
इस बाबत ईडी के अधिकारियों ने भी अपना बयान दर्ज करवाया था। बता दें अदालत ने आठ नवंबर को माल्या को भगौड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की थी। अदालत ने इससे पहले 12 अप्रेल को माल्या की गिरफ्तारी के लिए खुला गैर जमानती वारंट जारी किया था।