बैंकों के 9000 का कर्ज चुकाए बिना भागे शराब कारोबारी विजय माल्या की लंदन में गिरफ्तारी पहले से तय थी। इसकी स्क्रिप्ट पहले से भारत और यूके के बीच हुई दो सीक्रेट मीटिंग्स में लिखी जा चुकी थी।
एक अंग्रेजी न्यूज चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक माल्या की गिरफ्तारी के लिए भारत और ब्रिटेन में लंबे समय से बातचीत चल रही थी। हाल में माल्या पर शिकंजा कसने के लिए यूके और भारत के बीच कई मीटिंग हुईं। इसी तरह की एक सीक्रेट मीटिंग नेहरू भवन में हुई, जबकि दूसरी मीटिंग 10 डाउन स्ट्रीट में हुई।
मई में थेरेसा से मुलाकात के दौरान अरुण जेटली ने माल्या का मुद्दा उठाया था। रिपोर्ट की माने तो लंदन में आज हुई माल्या की गिरफ्तारी के पीछे नेहरू भवन और 10 डाउन स्ट्रीट में हुई मीटिंग की अहम भूमिका है।
हालांकि विजय माल्या को भारत सौंपने को लेकर ब्रिटेन ने कुछ भी कहने से इंकार करता रहा है। ब्रिटेन के वित्त मंत्री फिलिप हैमंड ने भी इस मामले पर टिप्पणी करने से मना कर दिया था। गौरतलब है कि भारत ने इस साल आठ फरवरी को औपचारिक तौर पर ब्रिटेन सरकार से भारत-ब्रिटेन प्रत्यर्पण संधि के तहत विजय माल्या के प्रत्यर्पण का औपचारिक आग्रह किया था।