क्या पाइरेटेड फिल्मों के दौरान आने वाली चेतावनी 'यह दंडनीय अपराध है' से आप चिंतिंत हैं? डरने की बात नहीं है, बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि महज पाइरेटेड फिल्म देखना कॉपीराइट एक्ट के तहत दंडनीय अपराध नहीं है।
एक अहम टिप्पणी के दौरान जस्टिस गौतम पटेल ने कहा, 'पाइरेटेड फिल्में देखना अपराध नहीं है, हालांकि कॉपीराइट कॉन्टेंट का डिस्ट्रिब्यूशन, उसका सार्वजनिक प्रदर्शन या बिना अनुमति के उसे बेचना या खरीदना जरूर अपराध है।' कोर्ट ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं से कहा है कि वह उस चेतावनी संदेश में भी बदलाव करें जो ब्लॉक यूआरएल तक पहुंचने की कोशिश के दौरान यूजर को दिखाया जाता है। इस चेतावनी संदेश को और अधिक स्पष्ट बनाने के लिए कहा गया है।