दक्षिण-चीन सागर और हिंद महासागर में चीन के बढ़ती आक्रामकता के बीच वियतनाम के राष्ट्रपति तरान डाई क्वांग ने भारत-वियतनाम समुद्री संपर्क बढ़ाने और मजबूत करने की वकालत की है। उन्होंने यह टिप्पणी अपने भारत दौरे से पहले दी है। उनका कहना है कि रणनीतिक अहम समुद्री संबंधों की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण है। तरान तीन दिन के दौरे पर 2 मार्च को भारत आ रहे हैं।
वियतनाम के राष्ट्रपति तरान डाई क्वांग महसूस करते हैं कि क्रमश: दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया में भारत और वियतनाम रणनीतिक स्थानों से जुड़ा है और दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग करने की बहुत संभावनाएं हैं। तरान ने कहा कि इसके अलावा दोनों देशों के बीच समुद्री अर्थव्यवस्था को विकसित करने के भी फायदे हैं।
इस संबंध में हम समुद्री रणनीतियों को तैयार कर सकते हैं। भारत-वियतनाम के बीच समुद्री संपर्क बढ़ने से अमेरिका, जापान और कई अन्य देशों को भी इससे फायदा होगा और इस क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे को कम करने के लिए यह भारत-प्रशांत क्षेत्र में भारत की भूमिका को बढ़ाने की जरूरत है।