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Vietnam: सेल्स टारगेट पूरा होने पर फोन कंपनी ने भेजा था टूर, नाव हादसे में गई जान; PM हुन ने दिए जांच के आदेश

Sat, 11 Jul 2026 09:41 PM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली / तिरुचिरापल्ली

सार

वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास हुए नाव हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई। मृतकों में 10 तमिलनाडु, तीन आंध्र प्रदेश और केरल के एक दंपती शामिल हैं। तमिलनाडु के कुछ कर्मचारी एक मोबाइल कंपनी की ओर से सेल्स टारगेट पूरा होने पर मिले टूर पर गए थे। हादसे में 21 लोगों को बचाया गया है, जिनमें दो की हालत गंभीर है। पढ़ें, एक रिपोर्ट...
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वियतनाम में भारतीय पर्यटकों से भरी नाव पलटी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास हुए नाव हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई है, जिनमें 13 पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। इस हादसे में सबसे ज्यादा 10 लोग तमिलनाडु से, तीन लोग आंध्र प्रदेश से और एक दंपती केरल का रहने वाला था। ताजा जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु के तीन लोग एक मोबाइल कंपनी की तरफ से मिले टूर पर वियतनाम गए थे।

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टारगेट पूरा होने की खुशी, मातम में बदल
तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के रहने वाले अलगुराजा इस हादसे का शिकार हुए हैं। उनके दोस्त बालाजी ने बताया, 'हमारी मोबाइल कंपनी ने सेल्स टारगेट पूरा होने की खुशी में वियतनाम के टूर का आयोजन किया था। यह बेहद दर्दनाक है कि हमारी तिरुचिरापल्ली टीम के तीन कर्मचारियों ने इस नाव हादसे में अपनी जान गंवा दी। हम सब गहरे सदमे और दुख में हैं'।
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'सुबह बात की, शाम को आई मौत की खबर'
मृतक अलगुराजा के चाचा थंगावेलु ने रोते हुए बताया कि अलगुराजा कंपनी में असिस्टेंट सेल्स मैनेजर के पद पर काम करते थे। उन्होंने कहा, '8 जुलाई की सुबह वह अपने साथियों के साथ कंपनी की तरफ से वियतनाम के दौरे पर निकले थे। आज सुबह ही उन्होंने हमसे फोन पर बात की थी। लेकिन शाम को हमें इस भयानक हादसे की खबर मिली। हम पूरी तरह टूट चुके हैं'।

 
तमिलनाडु के निवासी  आंध्र प्रदेश के निवासी केरल के निवासी
सेंथिल कुमार जयवेल, मुरुगाप्रभु अरुमुगम
श्रीधर सुंदरराजन, शेख अब्दुल्ला अब्दुल मजीद, बालाजी नटेशन, बाबू कुप्पुस्वामी
विनय कुमार चिथापुरम भास्करा,
रविशंकर सुगुमरन, संतोष कुमार शांतिलालजैन
अलगुराज शिवासामी
नल्लापेटा अदिशेशैया रवितेजा
श्रीधर मुदियम
जया लक्ष्मी गेल्ली

 
एविकॉट चेरियन थॉमस
लोवेनी थॉमस



परिवार ने लगाई सरकार से गुहार
इसी हादसे में डिंडीगुल जिले के पलानी के रहने वाले एक मोबाइल फोन डिस्ट्रीब्यूटर, मुरुगप्रभु अरुमुगम की भी मौत हो गई है। उनके भाई कार्तिकेयन ने बताया, 'मेरा छोटा भाई तीन दिन पहले वियतनाम घूमने गया था। हमें अचानक खबर मिली कि नाव हादसे में उसकी मौत हो गई है। हमने राज्य सरकार से मदद मांगी है और केंद्र व राज्य दोनों सरकारों से हाथ जोड़कर अपील करते हैं कि मेरे भाई के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत वापस लाने के इंतजाम किए जाएं'।

राहत और बचाव कार्य की स्थिति
इस नाव हादसे में 21 लोग (17 यात्री और चार क्रू मेंबर्स) को बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में दो लोगों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और उनका आईसीयू में इलाज चल रहा है। नई दिल्ली में आंध्र प्रदेश भवन के विशेष प्रतिनिधि और विशेष आयुक्त डॉ. अर्जा श्रीकांत लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और वियतनाम प्रशासन के संपर्क में हैं। इस हादसे के बाद से पीड़ित परिवारों के घरों में कोहराम मचा हुआ है।

केरल के दंपती समेत 15 भारतीय पर्यटकों की मौत
इस नाव हादसे में केरल के एक दंपती की भी मौत हो गई। मृतकों में कोल्लम जिले के ए.सी. थॉमस (57) और उनकी पत्नी लोवेनी थॉमस (56) शामिल हैं। तेज हवा और खराब मौसम के कारण पर्यटक स्पीडबोट पलट गई। नाव में 32 भारतीय पर्यटक और चार चालक दल के सदस्य सवार थे। 
 

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वियतनाम के पीएम ने जांच के दिए आदेश
वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुन ने इस हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने केंद्र और स्थानीय अधिकारियों से राहत और बचाव अभियान तेज करने, घायलों का बेहतर इलाज कराने और मृतकों के परिवारों की हर संभव मदद करने को कहा है। वियतनाम के मुंबई स्थित महावाणिज्य दूतावास ने बयान जारी कर हादसे पर गहरा दुख जताया और कहा कि इस मुश्किल समय में उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को हादसे के कारणों की पूरी जांच करने, सुरक्षा व्यवस्था में हुई किसी भी कमी का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति या संस्था की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। वियतनाम के विदेश मंत्रालय को भारत के दूतावास के साथ मिलकर काम करने और प्रभावित भारतीय परिवारों को हर जरूरी सहायता देने के निर्देश भी दिए गए हैं।


एक ही मोबाइल कंपनी से जुड़े थे सभी 15 लोग
इस मामले में मोबाइल बनाने वाली कंपनी लावा ने पुष्टि की है कि इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी 15 लोग उसकी कंपनी से जुड़े थे। सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कंपनी लिखा- हमें यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि आज वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास एक नाव दुर्घटना में हमारे 14 चैनल पार्टनर और लावा टीम के एक सदस्य की दुखद मौत हो गई है। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके परिवारों और प्रियजनों के साथ हैं। यह एक ऐसी त्रासदी है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती, और दुख की इस घड़ी में हम उनके साथ खड़े हैं। हम वियतनाम में भारतीय दूतावास और स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं और शवों को जल्द से जल्द वापस लाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। हमारी पहली प्राथमिकता हर प्रभावित परिवार की मदद करना है, और भारत व वियतनाम में हमारी टीमें उनके साथ हैं और हर संभव सहायता दे रही हैं। हो ची मिन्ह सिटी में भारत के कॉन्सुलेट जनरल ने जानकारी या मदद चाहने वाले परिवारों के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया है। +84 36 281 7930 | +84 91 552 3714 | +84 33 452 0414
 

हादसे के प्रत्यक्षदर्शी ने बयां की दास्तां
वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास शनिवार को हुए दर्दनाक नाव हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई। हादसे के प्रत्यक्षदर्शी और आंध्र प्रदेश के गुंटूर निवासी आशीष कुमार ने बताया कि स्पीडबोट द्वीप से केवल 300-400 मीटर ही आगे बढ़ी थी, तभी अचानक पलट गई। आशीष कुमार ने पीटीआई से फोन पर बातचीत में बताया कि वह मोबाइल कंपनी लावा इंटरनेशनल के डिस्ट्रीब्यूटर हैं। कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर, विक्रेता और कर्मचारी घूमने के लिए 9 जुलाई को वियतनाम पहुंचे थे और रविवार को भारत लौटने वाले थे। उन्होंने बताया कि पर्यटकों को तीन अलग-अलग नावों में बैठाकर द्वीप तक ले जाया गया था। हादसे के समय 32 भारतीय पर्यटकों वाली एक नाव दूसरे द्वीप के लिए रवाना हुई थी, जबकि बाकी दो नावों के यात्री होन मे रुट नगोआई द्वीप पर फोटो खिंचवा रहे थे।

आशीष के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 1:30 बजे नाव ने द्वीप से मुश्किल से 300-400 मीटर की दूरी तय की थी कि वह अचानक पलट गई। उन्होंने कहा, 'हम फोटो खींच रहे थे। कुछ समझ पाते, उससे पहले ही नाव पलट गई। हम सभी मदद के लिए चिल्लाने लगे'। उन्होंने बताया कि उस समय मौसम ज्यादा खराब नहीं था। थोड़ी हवा चल रही थी, लेकिन किसी द्वीप पर यह सामान्य बात है। आशीष ने दावा किया कि बचाव दल जल्दी मौके पर पहुंच गया और घायलों व शवों को किनारे ले आया, लेकिन शुरुआत में वहां मेडिकल टीम मौजूद नहीं थी। उन्होंने कहा, 'सीपीआर देने के लिए भी कोई चिकित्सा टीम तुरंत नहीं थी। हम सभी अभी भी सदमे में हैं'। उन्होंने बताया कि वह अकेले यात्रा कर रहे थे, लेकिन कई लोग अपने परिवार के साथ आए थे। उनके एक परिचित डिस्ट्रीब्यूटर अपनी पत्नी के साथ उसी नाव में थे। हादसे में उनकी पत्नी की मौत हो गई, जबकि वह अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। इस हादसे के बाद सभी बचे हुए पर्यटकों को होटल वापस ले जाया गया।
 
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