ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए कमलनाथ के नाम का प्रस्ताव रखा है। साथ ही लंबे समय से चल रही कांग्रेस दल की बैठक भी खत्म हो गई है।
कांग्रेस नेता राज्यपाल से मिलकर वापस लौट रहे हैं। फिलहाल अभी तक राज्यपाल ने कांग्रेस को सरकार बनाने का न्यौता नहीं दिया है।
सीेएम पद के उम्मीदवार कमलनाथ मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मिलने के लिए पहुंच गए हैं। जहां पर वो सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। कमलनाथ ने कहा कि हर वर्ग ने हमें वोट दिया। राज्यपाल से मिलने के बाद वो 1 बजे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से एक बजे मुलाकात करने जाएंगे।
शिवराज सिंह चौहान ने अपनी हार कबूल करते हुए कहा कि संख्या बल के सामने मैं सर झुकाता हूं। हमारे पास बहमुत नहीं है इसी लिए हम सरकार बनाने का दावा नहीं करेंगे। मैं राज्यपाल को अपना इस्तीफा देने जा रहा हूं।
कांग्रेस का सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया है। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कांग्रेस को बुलाया है।
मध्यप्रदेश में भाजपा महासचिव वीडी शर्मा ने कांग्रेस द्वारा सरकार बनाने के लिए गवर्नर से समय मांगे जाने पर कहा है कि वह ज्यादा जल्दी में हैं, अभी अंतिम परिणाम आना बाकी है। उन्हें इंतजार करना चाहिए, राज्य में भाजपा को बहुमत मिलेगा।
कांग्रेस की ओर से मध्यप्रदेश में सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राज्यपाल भवन को चिट्ठी लिखी थी। इस चिट्ठी में राज्यपाल से मिलने का वक्त मांगा गया था। इसके जवाब में राज्यपाल भवन की ओर से कहा गया है कि इस मामले में मिलने का समय तब ही दिया जा सकता है जब चुनाव आयोग की ओर से स्थितियां स्पष्ट हो जाएंगी।
पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम को लेकर राजद के तेजस्वी यादव ने इसे जनता व जनतंत्र की जीत बताया है। यादव ने कहा कि जनता देख रही थी कि सरकारी संस्थानों को किस तरह नुकसान पहुंचाया जा रहा था और किस तरह से लोग केवल 'जुमलेबाजी' में व्यस्त थे।
मध्यप्रदेश में मतगणना अभी जारी है। छत्तीसगढ़ व राजस्थान में कांग्रेस जीत चुकी है। पार्टी ने निर्णय किया है कि जैसे ही वह 116 सीटें जीतते हैं, वह राज्यपाल के पास जाएंगे। अभी तक मध्यप्रदेश में कांग्रेस 69 सीटें जीत चुकी है और 44 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, भाजपा के खाते में अभी तक 66 सीटें आई हैं और वह 44 सीटों पर आगे चल रही है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों का 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर कहा कि राज्य चुनाव लोकसभा चुनाव से बिल्कुल अलग होते हैं। जेटली ने कहा कि 2003 में हम इन सभी राज्यों में जीते थे और 2004 का आम चुनाव हार गए थे। 2019 का चुनाव केंद्र सरकार व प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को लेकर होगा।
मुझे लगता है कि चुनाव परिणाम आशा के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह ठहराव लेने का और समीक्षा करने का मौका है। जेटली ने कहा कि छत्तीसगढ़ व मध्यप्रदेश दोनों राज्यो में हम 15 साल से सत्ता में थे और वहां काम भी हुए। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि एंटी इनकंबेंसी इसका कारण है।
भाजपा को ले डूबी सत्ता का अहंकार और संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग: ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि 'बीजेपी की हार के कारण सत्ता का अहंकार और संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग रहा। समाज के सभी तबके के लोग बीजेपी के खिलाफ हैं। यह उनके लिए एक आपदा की तरह है।'
राजस्थान में जीत हासिल करने वाले कांग्रेस विधायकों की, कल जयपुर में बैठक बुलाई गई है। वहीं छत्तीसगढ़ के विजेता विधायक रायपुर में इकट्ठा होंगे।
छत्तीसगढ़ में बड़ी तस्वीर साफ हो चुकी है। रमन सिंह फिलहाल तीन बार के मुख्यमंत्री ही कहलाएंगे। कांग्रेस ने कामयाबी के साथ उनका विजय रथ रोक दिया है। इस खबर के साथ रायपुर में भाजपा दफ्तर में सन्नाटा पसर गया।
राहुल गांधी, अपनी मां और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने 10 जनपथ पहुंच चुके हैं। इन चुनावों के नतीजों को राहुल के राजनीतिक भविष्य के तौर पर भी देखा जा रहा था।
दोपहर 1 बजे कुछ ऐसी दिख रहे है रुझानों और नतीजों के आंकड़े। मध्यप्रदेश में फिसलते-फिसलते, कांग्रेस ने पकड़ फिर कुछ मजबूत की है। वहीं छत्तीसगढ़ में कांग्रेस निर्णायक बढ़त हासिल कर चुकी है। राजस्थान में भी बहुमत का आंकड़ा फिलहाल गिरफ्त में है।
समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से खबर आ रही है कि सचिन पायलट 8 निर्दलियों के संपर्क में है। इसका सीधा सा मतलब ये है कांग्रेस, पूर्ण बहुमत न मिलने जैसी स्थिति के लिए भी पूरी तरह तैयार रहना चाहती है।
टोंक में भाजपा सरकार में मंत्री और हैवीवेट माने जाने वाले यूनुस खान पिछड़ रहे हैं। जबकि पहली बार टोंक से खड़े सचिन पायलट आगे चल रहे हैं।
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