फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Venkaiah Naidu: उपराष्ट्रपति ने स्कूलों-कॉलेजों में सामुदायिक सेवा को अनिवार्य करने का दिया सुझाव, कही यह बात

Sun, 24 Jul 2022 09:56 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नायडू ने कहा कि भारतीय सभ्यता एकता, शांति और सामाजिक सद्भाव के सार्वभौमिक मूल्यों पर आधारित है। हमें सदियों पुराने इन मूल्यों को संरक्षित करने एवं प्रसारित करने के लिए 'आध्यात्मिक पुनर्जागरण' करना चाहिए। 
 
विज्ञापन
Vice President Venkaiah Naidu - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू ने युवाओं के लिए स्कूलों और कॉलेजों में सामुदायिक सेवा को अनिवार्य करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं में देखभाल की भावना पैदा होगी। नायडू ने इस्कॉन के संस्थापक की आत्मकथा 'सिंग, डांस एंड प्रे: द इंस्पीरेशनल स्टोरी ऑफ श्रील प्रभुपाद' के विमोचन के अवसर पर यह बात कही। 
विज्ञापन


सार्वभौमिक मूल्यों को संरक्षित करना चाहिए : नायडू
नायडू ने कहा कि भारतीय सभ्यता एकता, शांति और सामाजिक सद्भाव के सार्वभौमिक मूल्यों पर आधारित है। हमें सदियों पुराने इन मूल्यों को संरक्षित करने एवं प्रसारित करने के लिए 'आध्यात्मिक पुनर्जागरण' करना चाहिए। 

उन्होंने युवाओं से कहा कि वह महान संत और श्रील प्रभुपाद जैसे आध्यात्मिक नेताओं से प्रेरणा लें और बेहतर इंसान बनने के लिए अनुशासन, कड़ी मेहनत, संयम और सहानुभूति वाले गुणों को ग्रहण करें। 
विज्ञापन


एकता, सद्भावना और शांति के लिए काम करें युवा
उपराष्ट्रपति ने कहा कि आपको जाति, लिंग, धर्म और क्षेत्र की संकीर्ण मानसिकता से ऊपर उठना चाहिए और समाज में एकता, सद्भावना और शांति लाने के लिए काम करना चाहिए। 

उन्होंने श्रील प्रभुपाद को समतावादी विचार का अगुवा बताया और कहा कि प्रभुपाद ने उन लोगों को गले लगाया जिन्हें समाज ने अलग कर दिया था और उनकी जिंदगियों में खुशी लेकर आए। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें