कोरोना महामारी के बीच देशभर में सभी चीजें थमी हुई हैं। उधर कोरोना के बढ़ते मामलों और भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर राजनीतिक पार्टियों के बीच भी लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इन सबके बीच केंद्र सरकार भी जल्दी ही संसद का मॉनसून सत्र शुरू करने की तैयारी में है। इस संबंध में हाल ही में दोनों सदनों के अध्यक्षों के बीच चर्चा भी हुई है। समाचार एजेंसी के मुताबिक, उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने मॉनसून सत्र के संकेत दिए हैं।
उप-राष्ट्रपति ने फेसबुक पर 'मीडिया: कोरोना काल में हमारा साथी' आर्टिकल में लिखा, संसद के पिछले बजट सत्र को कोरोना की वजह से तय समय से पहले अचानक स्थगित करना पड़ा था, क्योंकि कई सांसद इस संकट के समय अपने क्षेत्र के लोगों के बीच रहना चाहते थे। उन्होंने लिखा कि संसद सत्र को पिछले सत्र के छह महीने के अंदर फिर से बुलाना जरूरी होता है। नायडू के इस पोस्ट से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि संसद का नया सत्र जल्दी ही शुरू किया जा सकता है।
उधर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी कहा, 'मानसून सत्र (संसद) निश्चित रूप से आयोजित किया जाएगा। सरकार सभी औपचारिकताएं करेगी और सभी सावधानी बरतेगी।'
इससे पहले, संसद के दोनों सदनों के महासचिवों को मानसून सत्र के लिए आवश्यक तैयारी करने को कहा गया। सूत्रों के मुताबिक दोनों महासचिवों को कहा गया कि कोरोना काल में संसद में सत्र के दौरान सांसदों की उपस्थिति के दौरान सामाजिक दूरी के मानकों का ध्यान रखा जाए।
लोकसभा और राज्यसभा के शीर्ष अधिकारियों को बताया गया कि दोनों ही सदन की अपने-अपने कक्षों से एक साथ काम करने की उम्मीद है।