संसद के शीतकालीन सत्र के उद्घाटन के दिन पहली बार सभापति के रूप में राज्यसभा की अध्यक्षता करते हुए, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय को एक कड़ा संदेश दिया।
देश का उपराष्ट्रपति बनने के बाद जगदीप धनखड़ पहली बार संसद पहुंचे और उन्होंने बुधवार को सदन को संबोधित किया। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने सुप्रीम कोर्ट पर निशाना साधते हुए राष्ट्रीय न्यायिक आयोग कानून का जिक्र किया। राष्ट्रीय न्यायिक आयोग बिल के लिए 99वां संवैधानिक संशोधन विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित किया गया था। लेकिन इस बिल को 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
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संसद के शीतकालीन सत्र के उद्घाटन के दिन पहली बार सभापति के रूप में राज्यसभा की अध्यक्षता करते हुए, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय को एक कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमें इस बात को ध्यान में रखने की जरूरत है कि लोकतांत्रिक शासन में किसी भी संवैधानिक ढांचे की बुनियाद संसद में परिलक्षित होने वाले जनादेश की प्रमुखता को कायम रखना है। यह चिंताजनक बात है कि इस बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दे पर संसद का ध्यान केंद्रित नहीं है।