कोरोना वायरस ने देश-दुनिया काफी तबाही मचाई, शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र होगा जो कोरोना से प्रभावित न हुआ हो। लेकिन भारत ने कोरोना वायरस से जिस तरह से निपटा उसकी तारीफ दुनियाभर में हुई। वहीं अब उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शुक्रवार को कहा कि भारत का कोविड-19 से निपटने का तरीका दुनिया के लिए एक उदाहरण था।
भारत ने अन्य देशों की तुलना में बीमारी को अच्छे से संभाला
उन्होंने कहा कि देश की इतनी बड़ी आबादी को टीका पहुंचाने के लिए अपने डिजिटल संसाधनों का उपयोग किया और अन्य देशों की तुलना में बेहद अच्छे तरीके से बीमारी को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया। साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री ने कोविड योद्धाओं की हौसला अफजाई की और उन्हें प्रेरित किया और देश उन्हें सुरक्षा प्रदान करने वाले कानून के साथ तेजी से आगे बढ़ा।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी को उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस समय पर कर्फ्यू की घोषणा की थी तो नागरिकों ने इस सक्रिय और समय पर लिए गए निर्णय की सराहना की। कार्यक्रम में सत्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की वहनीयता एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू है।
आयुष्मान भारत को लेकर प्रधानमंत्री की सराहना की
आगे अपने संबोधन में कहा कि भारत 220 करोड़ लोगों का टीकाकरण कर सकता है और इसे डिजिटल मैपिंग पर रख सकता है। यह 'वैक्सीन मैत्री' के माध्यम से अन्य देशों को भी सहायता दे रहा है, जो हमारे सदियों पुराने लोकाचार को दर्शाता है। साथ ही कहा इसे ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत का विचार पेश किया और दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी तंत्र देश के 140 करोड़ लोगों को प्रभावी रूप से लाभान्वित कर रहा है। इससे कोरोना में लोगों को काफी सहायता हुई।
जन आरोग्य योजना से बड़ी संख्या में हो रहा लोगों को फायदा
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के कारण देश में डायग्नोस्टिक सेंटरों, मेडिकल, नर्सिंग कॉलेजों और क्लीनिकों की संख्या में वृद्धि हुई है और इससे एक सहज विकास हुआ है, जो उन लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहा जो शारीरिक रूप से कमजोर हैं। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि अगर उन्हें सामर्थ्य के कारण नुकसान उठाना पड़ता है, तो बच्चों का विकास बाधित होता है और परिवारों की अर्थव्यवस्था चौपट हो जाती है। साथ ही कहा कि प्रौद्योगिकी एक गेम चेंजर और एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
देश में 1.5 लाख हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले गए
उन्होंने कहा कि देश में 1.5 लाख हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले गए हैं, जो उद्यमियों के लिए बड़े अवसर पैदा कर रहे हैं और जहां तक आर्थिक विकास का सवाल है तो यह गेम चेंजर साबित हो रहे हैं। साथ ही बताया कि देश में 33.8 करोड़ से अधिक आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते बनाए गए हैं और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के 50 करोड़ लाभार्थी हैं, उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि दुनिया में ये संख्या बड़े पैमाने पर चौंका देने वाली हो सकती है, यह एक बहुत ही संरचित तरीके से किया गया है।
देश भर में स्थापित 9,000 से अधिक जन औषधि केंद्र
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि आम आदमी के लिए दवाओं की वहनीयता महत्वपूर्ण परिणाम है, उन्होंने कहा कि जेनेरिक दवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए देश भर में स्थापित 9,000 से अधिक जन औषधि केंद्रों के माध्यम से ऐसा किया गया है। कैंसर एक घातक बीमारी है और उस क्षेत्र में सस्ती दवाएं उपलब्ध कराकर जो किया गया है वह अद्भुत है। भारत दुनिया में एक उदाहरण है जहां हमने लोगों को कुशल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया है।