वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का आज दूसरा दिन है। कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया था। आज वह दुनिया के विभिन्न नेता और हजारों प्रतिनिधियों की मौजूदगी में व्यापार बैठक का उद्घाटन करेंगे। तीन दिनों तक चलने वाले निवेशकों का यह कार्यक्रम राजधानी गांधीनगर के महात्मा मंदिर में आयोजित हो रहा है। इसमें पांच देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 30,000 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
समिट में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'पिछले चार सालों में हम ग्लोबल रैंकिंग ऑफ वर्ल्ड बैंक डुईंग बिजनेस रिपोर्ट में 65 स्थान ऊपर आए हैं। लेकिन हम इससे अभी भी संतुष्ट नहीं है। मैंने अपनी टीम से और कड़ी मेहनत करने को कहा है ताकि भारत अगले साल तक टॉप 50 मे शामिल हो जाए। भारत पहले के मुकाबले अब व्यापार के लिए तैयार है। हमारी सरकार के पूरे कार्यकाल में औसत जीडीपी वृद्धि 7.3 प्रतिशत रही है। जो 1991 के बाद किसी भी भारतीय सरकार के लिए सबसे अधिक है। साथ ही मुद्रास्फीति की औसत दर 4.6 प्रतिशत रही है जो 1991 के बाद किसी भी भारतीय सरकार के मुकाबले में सबसे कम है।'
पीएम मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात समिट के उद्घाटन सत्र में निवेशकों से कहा कि यह भारत में रहने के लिए सबसे अच्छा समय है। हम सुधार और नियमों को सरल करने की गति जारी रखेंगे। जो लोग नियमित तौर पर भारत आते रहते हैं उन्हें हवा में बदलाव महसूस हुआ होगा। उन्हें दिशा और तीव्रता दोनों के संदर्भ में परिवर्तन दिखा होगा। पिछले चार सालों में मेरी सरकार का ध्यान इस बात पर रहा है कि सरकार घटाइये और प्रशासन बढ़ाइये। हमें पिछले 18 सालों की तुलना में 45 प्रतिशत ज्यादा 260 बिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मिला है।
उन्होंने कहा, 'आयुष्मान भारत योजना से 50 करोड़ गरीबों को ये विश्वास मिला है कि गंभीर बीमारी में सरकार उनके साथ है। इलाज के लिए उन्हें अपना घर-जमीन गिरवी रखने की जरूरत नहीं है। इस योजना से सिर्फ 100 दिन के भीतर 7 लाख गरीबों का मुफ्त इलाज हुआ है। पिछले दो सालों में हम कॉरपोरेट की तरफ कम कर व्यवस्था की तरफ बढ़े हैं। हमने नए निवेश के साथ-साथ छोटे और मध्यम उपक्रमों के लिए कर को 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया है। हार्ट स्टेंट 85% सस्ते हुए हैं और नी इम्प्लांट सर्जरी का खर्च 70% तक कम हुआ है। सिर्फ हार्ट स्टेंट सस्ते होने से गरीब व मध्यम वर्ग के लोगों को सालाना 4,500 करोड़ रुपये की बचत हो रही है।'
कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले पांच देश हैं- उज्बेकिस्तान, रवांडा, डेनमार्क, चेक रिपब्लिक और माल्टा। पीएम मोदी ने समित से इतर उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के साथ गांधीनगर में द्वीपक्षीय वार्ता की। दोनों देशों के बीच दो एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इससे पहले पीएम ने माल्टा के प्रधानमंत्री जोसेफ मस्कट के साथ भी मुलाकात की थी। तीन दिनों के इस कार्यक्रम में वैश्विक फंड प्रमुखों के साथ राउंड-टेबल बातचीत होगी।
मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि कार्यक्रम का समापन उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू की मौजूदगी में होगा। वाइब्रेंट गुजरात की शुरुआत तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2003 में की थी। इसका उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना है। पिछले समिट की तरह इस साल अमेरिका और ब्रिटेन ने खुद को समिट का साझेदार देश के तौर पर नहीं जोड़ा है। आदित्य बिड़ला समूह के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने उद्घाटन सत्र में लोगों को संबोधित किया।