विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार प्रेस कांफ्रेंस को करते हुए।
- फोटो : Amar Ujala
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कहा है कि आरक्षण की सुविधा में किसी तरह का बदलाव नहीं होना चाहिए। यह सुविधा केवल हिंदू धर्म के अनुसूचित वर्गों को मिलना चाहिए, लेकिन जो व्यक्ति धर्मांतरण कर लेता है, उसे इसका कोई लाभ नहीं मिलना चाहिए। विहिप इसके लिए शीघ्र ही पूरे देश में अभियान चलाएगा। केंद्र सरकार ने एक कमीशन बनाकर धर्मांतरित लोगों को आरक्षण की सुविधा देने संबंधी मामलों पर विचार करने के कहा है। विहिप कमीशन के उद्देश्यों को लेकर सशंकित है और इसके विषय में व्यापक बहस आयोजित करने की पहल कर रहा है।
विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि संविधान के निर्माण के समय आरक्षण की सुविधा हिंदू धर्म के अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों के लिए निर्धारित की गई थी। यह उपाय ऐसे वर्गों को समाज में ऊपर उठाने के लिए की गई थी। लेकिन अब धर्मांतरित लोगों ने भी अपने लिए इस सुविधा की मांग करना शुरू कर दिया है जो अनुचित है।
उन्होंने कहा कि इन धर्मों का दावा है कि इनके यहां किसी तरह का सामाजिक भेदभाव नहीं है। ऐसे में उन्हें वहां कोई भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ता है। यदि ऐसा है तो इन वर्गों को आरक्षण देने का कोई लाभ नहीं है क्योंकि उन्हें उन धर्मों में ऐसे विपरीत कारणों का सामना नहीं करना पड़ता, जिनसे बचने के लिए अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों को गुजरना पड़ा था। उन्होंने कहा कि इस आधार पर धर्मांतरित लोगों को आरक्षण की सुविधा नहीं मिलनी चाहिए।