यात्रा का विरोध कर रहे डीएमके नेता एमके स्टालिन को पुलिस ने हिरासत में लिया
कई राजनीतिक दलों के विरोध के बीच विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की ‘रामराज्य रथयात्रा’ मंगलवार को तमिलनाडु पहुंच गई। अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए समर्थन जुटाने के उद्देश्य से इस रथयात्रा का आयोजन किया गया है। वहीं इस यात्रा का विरोध कर रहे डीएमके नेता एमके स्टालिन को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया।
शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए स्टालिन ने विधानसभा में सरकार के समक्ष एक मांग रखी कि रामराज्य रथयात्रा को तमिलनाडु में प्रवेश न करने दिया जाए। मगर जब मुख्यमंत्री ई पलानीसामी ने उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया तो उन्होंने विपक्ष के कुछ अन्य सदस्यों के साथ सदन का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने पलानीसामी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जिसकेचलते उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
गौरतलब है कि विहिप की रामराज्य रथयात्रा फरवरी में अयोध्या से शुरू हुई। यह 25 मार्च को रामेश्वरम में पूरी होने वाली है। चूंकि डीएमके सहित कुछ अन्य विपक्षी पार्टियां इसका विरोध कर रही हैं इसलिए सरकार ने उन सभी इलाकों में धारा-144 लगा दी है जहां से यात्रा गुजरने वाली है।
25 लाख में बना है रथ
यात्रा के लिए गुजरात, पश्चिम बंगाल और यूपी के 17 कलाकारों ने 45 दिन में 28 स्तंभों वाला रथ तैयार किया है। इसमें राम, जानकी और हनुमान जी की मूर्तियां विराजमान हैं। रथ को अयोध्या में प्रस्तावित भव्य राम मंदिर का नमूना बताया जा रहा है। रथ के निर्माण में 25 लाख रुपये की लागत आई है।