हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और हिंदू युवा वाहिनी ने मंगलवार को बांग्लादेश दूतावास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। हिंदू संगठनों का कहना है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हिंसा हो रही है।
हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और हिंदू युवा वाहिनी ने मंगलवार को बांग्लादेश दूतावास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। हिंदू संगठनों का कहना है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हिंसा हो रही है। उनके घरों को लूटा जा रहा है और उनकी बहन बेटियों से अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार न रुके तो वे आईपीएल में बांग्लादेश के क्रिकेट खिलाड़ियों को नहीं खेलने देंगे।
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हिंदू संगठनों के सैकड़ो युवा कार्यकर्ता और महिलाएं बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर
पहुंचे। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी करते हुए बांग्लादेश उच्चायोग की तरफ बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा में सतर्क पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। काफी देर तक कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश के खिलाफ और हिंदुओं के पक्ष में नारेबाजी की और उच्चायोग की तरफ बढ़ने का प्रयास किया।
हिंदू युवा वाहिनी के राष्ट्रीय अधक्ष विक्रम सिंह राठौड़ ने अमर उजाला से कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा तत्काल रुकनी चाहिए। बांग्लादेश को अल्पसंख्यकों की जिम्मेदारी का ज्ञान होना चाहिए और उन्हें हर हाल में सुरक्षित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि बांग्लादेश में हिंदुओं के ऊपर हो रहे अत्याचार नहीं रुकते हैं तो वे अपना आक्रामक कदम आगे बढ़ाएंगे और बांग्लादेश के क्रिकेट खिलाड़ियों को आईपीएल और अन्य किसी भी खेल प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेने देंगे। उन्होंने कहा कि वह भारत सरकार से भी मांग करते हैं कि वह अपनी नीतियों का उपयोग करते हुए पड़ोसी देश में हिंदुओं पर हिंदू हो रही हिंसा को रुकवाने का प्रयास करें।
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इसके पहले भारत ने बांग्लादेश में अपने उच्चायोग को अस्थाई तौर पर बंद कर दिया था और वीजा बनाने की सुविधाओं को रोक दिया था। बांग्लादेश में अशांति बढ़ते देखकर दिल्ली में स्थित बांग्लादेश ऊंचायोग ने भी वीजा प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है।