विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद का प्रस्तावित निर्माण भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत एक अपराध है। इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखा है।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने बंगाल की बाबरी मस्जिद मामले में टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इसी के साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लिखे पत्र में मुर्शिदाबाद में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद का निर्माण बीएनएस के तहत अपराध करार दिया। विहिप ने दावा किया कि मुर्शिदाबाद में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद का निर्माण बीएनएस के तहत अपराध है। विहिप ने पश्चिम बंगाल सरकार से निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने का आग्रह किया।
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लिखे पत्र में विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने आरोप लगाया कि बाबर के नाम पर मस्जिद का नामकरण एक जानबूझकर किया गया प्रतीकात्मक कृत्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्पष्ट रूप से हिंदुओं के लिए अपमानजनक है और इसका सीधा संबंध धार्मिक शत्रुता को बढ़ावा देने से है।
कुमार ने कहा, बाबर का नाम ऐतिहासिक रूप से हिंदू धार्मिक स्थलों के विध्वंस से जुड़ा है। उसके नाम पर मस्जिद का नामकरण, और इस संबंध में दिए जा रहे बयानों को देखते हुए, यह साबित होता है कि यह न तो आकस्मिक है और न ही संयोगवश। यह स्पष्ट रूप से एक दुर्भावनापूर्ण कृत्य है जिससे हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुचने की संभावना है।
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उन्होंने आगे कहा कि इसलिए, हम अनुरोध करते हैं कि आपकी सरकार भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 और 299 तथा कानून की अन्य प्रासंगिक धाराओं की प्रयोज्यता की जांच करे और उसके बाद विधायक हुमायूं कबीर और उनके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानून के अनुसार कार्रवाई करें।
6 दिसंबर को रखी मस्जिद की आधारशिला
बता दें कि 6 दिसंबर को निलंबित टीएमसी नेता ने भारी सुरक्षा के बीच मुर्शिदाबाद जिले के रेजिनगर में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर बनाई जाने वाली मस्जिद की आधारशिला रखी। 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस की वर्षगांठ पर आयोजित इस कार्यक्रम ने अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया। यह कार्यक्रम कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित किया गया था, जिसमें राज्य पुलिस, त्वरित कार्रवाई बल तैनात किया गया था, जिन्हें नियंत्रित क्षेत्र में बदल दिया गया था।