विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने केंद्र सरकार से हिंदू मंदिरों और धार्मिक संस्थानों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने मांग की है। संगठन ने इसके साथ ही देश में अवैध धर्मांतरण के खिलाफ कड़ा कानून बनाने की भी मांग की।
फरीदाबाद में आयोजित दो दिवसीय बैठक में परिषद के न्यासियों और संचालक परिषद ने दो प्रस्ताव भी पारित किए। देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच देशभर में जागरूकता अभियान चलाने और स्वयंसेवकों के लिए कोविड प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का भी बैठक में निर्णय लिया गया।
संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में मंदिरों और मठों पर सरकारी नियंत्रण है। उन्होंने कहा कि सरकार को कानून-व्यवस्था, सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। पूजा कैसे हो या पुजारी कौन हो, यह हिंदू संस्थाओं पर छोड़ देना चाहिए।
अवैध धर्मांतरण एक राष्ट्रीय अभिशाप
विहिप कार्याध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने बताया कि, कोरोना की तीसरी लहर से लोगों की रक्षा कैसे हो इसे लेकर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। विहिप जल्द ही देश के एक लाख गांवों और शहरी बस्तियों में व्यापक जन जागरण अभियान शुरू करने जा रही है। इसमें लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करने के साथ ही पीड़ित परिवारो की मदद भी की जाएगी। इस बार कोरोना महामारी द्वारा छोटे बच्चों को विशेष निशाना बनाए जाने की आशंका को देखते हुए विहिप महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण देने की व्यवस्था कर रही है।
आलोक कुमार ने आगे बताया कि, अवैध धर्मांतरण एक राष्ट्रीय अभिशाप है। इससे मुक्ति मिलनी ही चाहिए। इस पर रोक हेतु आज 11 राज्यों में तो कानून हैं किन्तु ये समस्या और षड्यंत्र राष्ट्रव्यापी हैं। विहिप की इस अंतरराष्ट्रीय बैठक का सर्व-सम्मत मत है कि इसके लिए एक केंद्रीय स्तर पर कानून बनना चाहिए। तभी देश और समाज को इस अभिशाप से मुक्ति मिल सकती है। सर्वोच्च न्यायालय के कई निर्णयों व वर्तमान परिस्थितियों से भी यह स्पष्ट हो चुका है। केंद्र सरकार को कानून बनाने को लेकर अब और विलंब नहीं करना चाहिए।
बैठक में संगठन में हुए कई बदलाव
फरीदाबाद में दो दिन चली विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति व प्रन्यासी मंडल की बैठक में संगठन में कई बदलाव किए गए। केंद्रीय उपाध्यक्ष पद्मश्री रवींद्र नारायण सिंह को केंद्रीय अध्यक्ष बनाया गया वहीं मिंलिद परांडे फिर केंद्रीय महामंत्री चुने गए। आलोक कुमार कार्यकारी अध्यक्ष और चंपत राय केंद्रीय उपाध्यक्ष बने रहेंगे। इसके साथ ही कईं सचिवों के दायित्व में परिवर्तन किया गया है।
केंद्रीय उपाध्यक्ष जगन्नाथ शाही अब केंद्रीय सत्संग और धर्माचार्य टोली में रहेंगे। पूर्व न्यायाधीश विष्णु नारायण कोकजे भी केंद्रीय टोली में रहेंगे। गौरतलब है कि, विहिप में प्रत्येक तीन वर्ष पर चुनाव होते हैं। यह बैठक शनिवार से हरियाणा के फरीदाबाद में प्रारंभ हुई थी। बैठक में आरएसएस के पूर्व सरकार्यवाह भय्याजी जोशी समेत देशभर के लगभग 275 विहिप पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।