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'ये बौद्धिक दिवालियापन है': आरएसएस को संविधान विरोधी बताने पर घिरे राहुल, विहिप का पलटवार

Tue, 20 Oct 2026 10:14 PM IST
नितिन गौतम पीटीआई, नई दिल्ली

सार

राहुल गांधी द्वारा आरएसएस को संविधान विरोधी बताने पर विहिप ने तीखा पलटवार किया है। विहिप ने कहा कि राहुल गांधी अपने ही बयानों में उलझ जाते हैं। विहिप ने अन्य धार्मिक समुदायों पर राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
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राहुल गांधी - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर 'बौद्धिक दिवालियेपन' का आरोप लगाया। विहिप ने यह टिप्पणी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर राहुल गांधी के उस बयान पर की, जिसमें उन्होंने संघ को 'सिर्फ पुरुषों वाला संविधान विरोधी पंथ' बताया था, जो महिलाओं को पुरुषों की संपत्ति मानता है। राहुल गांधी ने कहा था कि वह शिव-शक्ति में विश्वास रखते हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ लड़ने में उन्हें खुशी मिलती है।
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'अपने ही बयानों में बार-बार फंस जाते हैं राहुल गांधी'
राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने उन पर बौद्धिक दिवालियेपन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता बार-बार अपने ही बयानों में उलझ जाते हैं। बंसल ने आरएसएस से जुड़ी कई महिलाओं के अपने पक्ष में होने संबंधी राहुल गांधी के दावे पर भी निशाना साधा। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'आप पहले भी दावा कर चुके हैं कि सरकारी अधिकारी, पुलिसकर्मी, सुरक्षाबलों के जवान और सरकार में शामिल लोग आपके साथ हैं, फिर भी आप सड़कों पर ही हैं।'

'कभी हिंदुत्व की शक्ति से लड़ने की बात, अब शिव-शक्ति में विश्वास का दावा'
राहुल गांधी पर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए धर्म का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए बंसल ने कहा, 'कभी आप हिंदुत्व की शक्ति से लड़ने का दावा करते हैं, तो आज अपनी घृणित राजनीति और हिंदू विरोधी मानसिकता के चलते कहते हैं कि 'मैं शिव-शक्ति में विश्वास रखता हूं'। यह कैसा पाखंड है! यह भारत है, यहां हर कोई सच्चाई जानता है।'
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बंसल ने अन्य धार्मिक समुदायों की प्रथाओं पर राहुल गांधी की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ धार्मिक व्यवस्थाओं में महिलाओं को पुरुषों के साथ नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाती। उन्होंने कहा, 'वे महिलाओं को पुरुषों के साथ नमाज तक नहीं पढ़ने देते। आज भी कुछ धार्मिक संस्थानों में महिलाओं को धर्मगुरु बनने की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे मामलों में उनकी तथाकथित 'शिव-शक्ति' चुप क्यों हो जाती है?'

'हिंदू समाज महिलाओं को देता है सम्मान'
विहिप प्रवक्ता ने दावा किया कि हिंदू समाज महिलाओं की पूजा और वंदना करता है तथा उन्हें धार्मिक नेतृत्व और महामंडलेश्वर जैसे पदों पर नियुक्त करके सम्मान देता है। बंसल ने कहा कि हिंदू संगठनों की आलोचना करने से पहले राहुल गांधी को यह याद रखना चाहिए कि वह स्वयं जमानत पर बाहर हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता से भविष्य में अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने से बचने का भी आग्रह किया।

राहुल ने आरएसएस को बताया था संविधान विरोधी
गांधी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'आरएसएस सिर्फ पुरुषों वाला संविधान विरोधी पंथ है, जो मानता है कि महिलाएं पुरुषों की संपत्ति हैं। मैं शिव-शक्ति में विश्वास रखता हूं।' पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'यही वजह है कि उनके खिलाफ लड़ने में मुझे इतनी खुशी मिलती है। खूबसूरत बात यह है कि उनकी 'अपनी' कई महिलाएं भी मेरे पक्ष में हैं।' राहुल गांधी ने यह टिप्पणी आरएसएस के स्थापना दिवस पर की।
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