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Illegal Migrants: '2300 से अधिक अवैध प्रवासियों की राष्ट्रीयता को सत्यापित करें', बांग्लादेश से बोला भारत

Fri, 23 May 2025 02:48 AM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत ने गुरुवार को कहा कि उसने बांग्लादेश सरकार से उन 2,300 से अधिक लोगों की नागरिकता की पुष्टि करने को कहा है जो अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं और जिनके बांग्लादेशी होने का संदेह है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'हमने बांग्लादेश से अनुरोध किया है कि वह इन लोगों की नागरिकता की पुष्टि करे। हमारे पास 2,369 लोगों की एक लंबित सूची है, जिन्हें वापस भेजा जाना है।'
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (वीडियो) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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भारत ने बांग्लादेशी अधिकारियों से 2,300 से अधिक अवैध प्रवासियों की राष्ट्रीयता सत्यापित करने को कहा है, ताकि उन्हें निर्वासित किया जा सके। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, हमारे पास 2,369 अवैध लोगों की लंबित सूची है, जिन्हें निर्वासित किया जाना आवश्यक है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ये सभी बांग्लादेशी हैं फिर भी हमने पड़ोसी देश से इनकी राष्ट्रीयता सत्यापित करने को कहा है। रणधीर जायसवाल ने कहा, भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी, चाहे वे बांग्लादेशी नागरिक हों या कोई अन्य नागरिक, उनके साथ कानून के अनुसार निपटा जाएगा।
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देश में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान जारी
विदेश मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब कई राज्यों में अधिकारियों की तरफ से अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की जा रही है। रणधीर जायसवाल ने कहा, 'भारत में जो विदेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं, चाहे वे बांग्लादेशी हों या किसी अन्य देश के, उनके साथ कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाएगा। हमारे यहां बड़ी संख्या में ऐसे बांग्लादेशी नागरिक हैं जिन्हें वापस भेजे जाने की जरूरत है।'
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2020 से लंबित है प्रक्रिया- विदेश मंत्रालय
उन्होंने बताया कि इनमें से कई लोग अपनी जेल की सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन नागरिकता की पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। 'बहुत से मामलों में यह प्रक्रिया 2020 से लंबित है। यानी करीब पांच साल बीत चुके हैं। हम बांग्लादेश से अपील करते हैं कि वे नागरिकता की पुष्टि की प्रक्रिया में तेजी लाएं ताकि इन लोगों को उनके देश वापस भेजा जा सके।'
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भारत-बांग्लादेश संबंधों में भारी तनाव
भारत का यह सख्त रुख ऐसे समय में सामने आया है जब भारत-बांग्लादेश संबंधों में काफी तनाव है। पिछले साल अगस्त में जब बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के बीच देश छोड़कर भारत आ गईं और यहां शरण ली, तब से दोनों देशों के संबंधों में गिरावट आई है। इसके बाद वहां की अंतरिम सरकार, जिसकी अगुवाई मोहम्मद यूनुस कर रहे हैं, देश में अल्पसंख्यकों-खासतौर पर हिंदुओं-पर हो रहे हमलों को रोकने में नाकाम रही है। इस वजह से दोनों देशों के रिश्तों में और भी गिरावट आई है। भारत अब चाहता है कि बांग्लादेश अवैध प्रवासियों की पहचान में तेजी लाए ताकि जो लोग भारत में अवैध रूप से रह रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द वापस भेजा जा सके।

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