2020 के बोरखेड़ा नाबालिगों की हत्या मामले में सजा का एलान
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महाराष्ट्र की भुसावल सत्र न्यायालय ने दोषी महेंद्र बरेला को दोहरी मौत की सजा सुनाई है। उसे 2020 के बोरखेड़ा हत्या और बलात्कार मामले में ये सजा सुनाई गई है। विशेष लोक अभियोजक अधिवक्ता उज्ज्वल निकम ने बताया आज, भुसावल सत्र न्यायाधीश ने आरोपी महेंद्र बरेला को मौत की सजा सुनाई।
उन्होंने बताया कि 15 अक्टूबर 2020 को, शाम लगभग 7:30 बजे, आरोपी अपने दोस्त के घर में घुसा, उस समय वहांं केवल नाबालिग बच्चे ही मौजूद थे। आरोपी ने उन्हें झूठा दिलासा देते हुए कहा, चिंता मत करो, मैं तुम्हारे बड़े भाई का दोस्त हूं। दोषी महेंद्र बरेला नाबालिगों के बड़े भाई का दोस्त था। इस वजह से नाबालिग पीड़ितों ने उसे घर पर रुकने दिया।
सबसे बड़ी पीड़ित एक 13 साल की लड़की थी, उसकी छोटी बहन 4 साल की थी, और उसके दो भाइयों की उम्र 8 और 9 साल थी। दोषी महेंद्र ने इस मौके का फायदा उठाते हुए नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार किया, और जैसे ही उसके छोटे भाई-बहनों ने उसका विरोध किया, उसने उनके सिर और गर्दन पर कुल्हाड़ी से लगातार वार करके बेरहमी से उनकी हत्या कर दी।
खबरों के मुताबिक, बच्चों की हत्या 15 अक्टूबर 2020 की रात को की गई थी। उनके शव रावेर में एक घर के अंदर खून से लथपथ हालत में पाए गए थे; रावेर जलगांव से लगभग 66 किलोमीटर दूर स्थित है।