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Congress: 'नोटिस से नहीं डरते, सच बोलते रहेंगे', EC के राहुल से सबूत मांगने वाले बयान पर वेणुगोपाल का पलटवार

Sun, 10 Aug 2025 11:27 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कर्नाटक के सीईओ द्वारा राहुल गांधी को 'वोट चोरी' के आरोपों पर नोटिस भेजे जाने के बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी किसी भी नोटिस से नहीं डरती। उन्होंने चुनाव आयोग पर विपक्ष को सबूतों तक पहुंचने से रोकने और दोष छिपाने का आरोप लगाया।
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केसी वेणुगोपाल - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा राहुल गांधी को वोट चोरी के आरोपों पर नोटिस भेजे जाने के बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोला है। वेणुगोपाल ने साफ कहा कि कांग्रेस किसी भी नोटिस से डरने वाली नहीं है और सच जनता के सामने लाती रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने जो सवाल उठाए हैं, उसका जवाब देने के बजाय आयोग नोटिस भेजकर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।
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केसी वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता के तौर पर पांच महत्वपूर्ण सवाल उठा चुके हैं, जिनके जवाब देश को जानने का अधिकार है। इन सवालों में डिजिटल वोटर लिस्ट देने से इनकार, सीसीटीवी फुटेज मिटाना, फर्जी वोटिंग, विपक्ष के नेताओं को धमकाना और आयोग के कथित राजनीतिक पक्षपात के मुद्दे शामिल हैं। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि आयोग विपक्ष को आवश्यक सबूतों तक पहुंचने से रोक रहा है और जब जनता के सामने तथ्य आते हैं तो नोटिस भेजने लगता है।

वेणुगोपाल ने उठाए ये पांच सवाल
  • विपक्ष को डिजिटल, मशीन-पठनीय मतदाता सूची क्यों नहीं दी जा रही है? आप क्या छिपा रहे हैं?
  • सीसीटीवी और वीडियो सबूत मिटाने का आदेश किसने दिया?
  • फर्जी मतदान और मतदाता सूची में छेड़छाड़ क्यों?
  • विपक्षी नेताओं को धमकाया और डराया क्यों जा रहा है?
  • क्या चुनाव आयोग अब भाजपा के चुनाव एजेंट बनकर रह गया है?
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क्या बोले वेणुगोपाल?
वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि राहुल जी का खुलासा चुनाव आयोग के अपने डेटा पर आधारित है। अब जब आपने उन्हें रंगे हाथ पकड़ा है, तो उनसे दस्तावेज मांग रहे हैं? वोटर लिस्ट आपका ही डेटा है। आप न केवल डिजिटल वोटर लिस्ट देने से मना कर रहे हैं बल्कि सीसीटीवी फुटेज भी ब्लॉक कर रहे हैं। इस तरह आप खुद अपना दोष साबित कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि यह सिर्फ विडंबना नहीं बल्कि दोष स्वीकारने जैसा है।

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कर्नाटक सीईओ का नोटिस और मामला
10 अगस्त को कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राहुल गांधी से उनके आरोपों के समर्थन में दस्तावेज देने को कहा। राहुल गांधी ने सात अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 वोट चोरी हुए। उन्होंने एक मतदाता शकुन रानी का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके आईडी कार्ड पर दो बार वोट डाला गया। हालांकि, जांच में शकुन रानी ने इस दावे को नकारा और कहा कि उन्होंने केवल एक बार वोट डाला। आयोग ने यह भी कहा कि राहुल गांधी द्वारा दिखाया गया ‘टिक मार्क’ वाला दस्तावेज पोलिंग अधिकारी द्वारा जारी नहीं किया गया था।
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राहुल गांधी का आरोप और कांग्रेस की रणनीति
राहुल गांधी का कहना है कि कांग्रेस को कर्नाटक में 16 सीटें मिलने की उम्मीद थी, लेकिन सिर्फ नौ मिलीं। उन्होंने सात अप्रत्याशित हार की जांच कराई और महादेवपुरा में बड़े पैमाने पर वोट चोरी के सबूत मिलने का दावा किया। उनके अनुसार, यह चोरी पांच अलग-अलग तरीकों से हुई। इसमें डुप्लीकेट वोटर, फर्जी पते, अवैध पते, एक ही पते पर भारी संख्या में वोटर और ऐसे मकान जिनमें बताए गए लोग रहते ही नहीं हैं। कांग्रेस अब इस मामले को बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में उठाने की तैयारी में है।

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