सरकार और आरबीआई के बीच जारी हालिया विवाद का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने मंगलवार को कहा कि अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाली समस्याओं के समाधान के लिए दोनों पक्षों के बीच लगातार बातचीत होती रहनी चाहिए।
नकदी की कमी के मुद्दे का जिक्र करते हुए नायडू ने कहा कि इस समस्या का कारण कुछ ऐसे लोग हैं, जिन्होंने व्यवस्था के साथ गड़बड़ी की और उससे पूरा उद्योग प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि बैंकों ने सभी को कर्ज दिया लेकिन आरबीआई ने उस समय कुछ नहीं किया। अब उन्होंने हर चीज कड़ी कर दी है जो कि समस्या का कारण है। राजनेताओं और उद्योगपतियों को इन समस्याओं का विश्लेषण करना होगा और समझना होगा।
नायडू ने कहा कि इसका कोई मतलब नहीं है कि कौन ताकतवर है और कौन अंतिम फैसला करता है। अंतिम प्राधिकार जनता और उनके हित हैं। जो भी व्यवस्था बनाई गई है, वह लोगों की भलाई के लिए है। उपराष्ट्रपति, भारतीय कपड़ा उद्योग परिसंघ (सीआईटीआई) के हीरक जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे।
चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए नई प्रौद्योगिकी अपनाए कपड़ा उद्योग
सीआईटीआई के हीरक जयंती समारोह को संबोधित करते हुए नायडू ने जीडीपी में तीन फीसदी योगदान देने वाले कपड़ा उद्योग से चौथी औद्योगिक क्रांति की मांग के तहत नई प्रौद्योगिकी अपनाने को कहा। वहीं कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि सरकार कपड़ा उद्योग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।