हैदराबाद और उन्नाव कांड जैसी घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा, देश में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए ऐसे मामलों में त्वरित जांच, सुनवाई और न्याय दिया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा, इसके लिए बिल लाना और कानून में बदलाव मात्र कोई समाधान नहीं है।
नायडू ने कहा, समाज में कानून को लेकर डर और सम्मान दोनों होना जरूरी है। लोगों में कानून का डर रहेगा तो वे गलत नहीं करेंगे। ये लोगों के लिए मूल्यों के क्षरण पर आत्मनिरीक्षण और विचार करने का समय है। महिलाओं के सम्मान की धारणा को कायम रखने के लिए समाज को एकजुट होना होगा।
नायडू ने शिक्षकों से बच्चों को महिलाओं का सम्मान करना सिखाने की मांग की। साथ ही शिक्षण संस्थानों से अपील करते हुए कहा कि इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए और जरूरी तौर पर बच्चों को हमारे मूल्यों के बारे में बताया जाए।
नायडू ने कहा, अधिकारियों को स्वराज्य से सुराज की ओर जाना होगा। भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन जो नागरिकों के हितों की चिंता करे और उनकी मदद के लिए हमेशा काम करे, इस दौर में बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से सरकार की नीतियों को धरातल पर मूर्तरूप में साकार करने में भूमिका निभाने का आह्वान किया।