कोरोनावायरस पर गुरुवार को राज्यसभा में चर्चा कराकर गतिरोध तोड़ने में कामयाब रहे सभापति वेंकैया नायडू चाहकर भी शुक्रवार को 15 मिनट से ज्यादा सदन नहीं चला सके। विपक्ष के हंगामे के बीच नायडू को कहना पड़ा कि सदन में गोलियां न चलाएं।
उच्च सदन में जैसे ही दिन की कार्यवाही शुरू हुई। वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर मंत्रालय के दस्तावेज सदन पटल पर रखने के लिए खड़े हुए विपक्ष के शोर शराबे के बीच आवाज आई, ‘गोली मारो।’ नायडू ने हस्तक्षेप कर विपक्ष के रवैये पर आपत्ति उठाई और कहा, 'ये रिकॉर्ड में नहीं जा रहा।' साथ ही उन्होंने कहा, 'सदन में गोली न चलाएं। ये असंसदीय है और बहुत शर्मनाक है कि इस तरह के जुमले सदन में लगाए जाएं।'
इस बीच कांग्रेस के राजीव गौडा ने कहा कि इसी शहर और इसी देश में ऐसे नारे लगाए गए हैं। वेंकैया नायडू की कोशिशों के बावजूद विपक्ष दिल्ली हिंसा पर होली से पहले चर्चा की जिद पर अड़ा रहा। विपक्षी सांसदों के वेल में पहुंचकर जोरदार हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही 11 मार्च तक स्थगित हो गई।
महिलाएं हर मोर्चे पर बढ़ीं लेकिन हम सुरक्षा देने में पीछे
सभापति नायडू ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि महिलाएं हर मोर्चे पर असाधारण भूमिका निभा रही हैं। मगर देश में लैंगिक समानता और महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति अच्छी नहीं है। हर क्षेत्र में महिलाओं ने असाधारण सफलता पाई है लेकिन उन्हें सुरक्षित माहौल देने में हम पीछे हैं। महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस, प्रशासन और न्याय व्यवस्था में सुधार के साथ हमें मानसिकता में बदलाव लाना होगा।
कोरोनावायरस पर मीडिया कवरेज न होने से चिंतित
वेंकैया नायडू कोरोनावायरस पर मीडिया कवरेज न होने से भी चिंतित दिखे। नायडू ने कहा, 'यह चिंता का विषय है कि मीडिया ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर फोकस नहीं किया। उसकी प्राथमिकता सनसनीखेज खबरों तक है।' सभापति ने उम्मीद जताई कि मीडिया भविष्य में महत्वपूर्ण और जनमानस से जुड़ी खबरों को उचित कवरेज देगा।