आने वाले दिनों में वाहन खरीदते वक्त आपकी जेब और ढीली हो सकती है। संभव है कि वाहन खरीदते वक्त आपको अब सिर्फ एक वर्ष का नहीं बल्कि तीन वर्ष का बीमा एक साथ लेना पड़ेगा। साथ ही गाड़ी के पंजीकरण के वक्त आपको अतिरिक्त राशि देनी पड़ सकती है। हिट एंड रन मामले में पीड़ितों को मुआवजा देने के मद्देनजर सड़क सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त अमाइकस क्यूरी(न्यायालय मित्र) ने यह सुझाव दिया है।
अमाइकस क्यूरी गौरव अग्रवाल ने न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति आदर्श गोयल की पीठ के समक्ष कहा कि हिट एंड रन मामले में बडी संख्या में लोग मारे जाते हैं। लेकिन अधिकतर को मुआवजा नहीं मिल पाता। उन्होंने बताया कि देशभर में करीब आठ करोड़ वाहनों का बीमा है। देशभर में करीब 39 फीसदी वाहन ऐसे हैं जिनका बीमा नहीं है। इस वजह से अधिकतर दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिल पाता।
अमाइकस क्यूरी ने सुझाव दिया है इसके लिए एक फंड तैयार किया जाना चाहिए। चूंकि बड़ी संख्या में लोग वाहनों का बीमा कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाते लिहाजा वाहन खरीदने के वक्त लोगों से तीन वर्ष का बीमा एक साथ करवाया जाए। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया है कि नए वाहनों के पंजीकरण के वक्त लोगों से अतिरिक्त शुल्क वसूला जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि मोटरसाइकिल की खरीद पर 500 और कार की खरीद पर 1000 रुपये अतिरिक्त वसूला जाना चाहिए। वाहनों के साइज के हिसाब से राशि तय की जानी चाहिए।