ऐसा लगता है कि कर्नाटक में पहली बार कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने जा रही जेडीएस की राह आसान नहीं है। बेशक कांग्रेस ने जेडीएस को बिना शर्त समर्थन दिया है लेकिन इसके बावजूद उसके अंदर से ही उप-मुख्यमंत्री पद को लेकर गहमा-गहमी चल रही है। एचडी कुमारस्वामी जहां राज्य के मुख्यमंत्री बनने वाले हैं वहीं यह मांग उठ रही है कि किसी लिंगायत विधायक को डिप्टी सीएम का पद दिया जाए। वर्तमान में कांग्रेस के पास 18 जबकि जेडीएस के पास 4 लिंगायत विधायक हैं।
अब इस मामले में अखिल भारतीय वीरशैव महासभा भी कूद गया है। उसने
कुमारस्वामी को पत्र लिखकर मांग की है कि कांग्रेस के शमानुरु शिवशंकरप्पा को नई सरकार की कैबिनेट में गृहमंत्री का पद दिया जाए। शिवशंकरप्पा वीरशैव समुदाय के नेता हैं। हालांकि माना जा रहा है कि कुमारस्वामी वित्त और गृह मंत्रायल अपने पास रखेंगे। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उत्तर प्रदेश की तर्ज पर कर्नाटक में दो डिप्टी सीएम बनाने की कवायद शुरू हो गई है। कांग्रेस और जेडीएस दोनों ही अपने-अपने विधायक को डिप्टी सीएम का पद देना चाहते हैं।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस ने निर्णय ले लिया है कि वह डिप्टी सीएम का पद किसी दलित विधायक को देगी। इसके लिए परमेश्वर उनकी पहली पसंद हैं। वहीं
जेडीएस की तरफ से अभी किसी के नाम की घोषणा नहीं की गई है। कर्नाटक में किसी लिंगायत को डिप्टी सीएम बनाने से कांग्रेस जहां खुद पर लगे एंटी-लिंगायत के टैग को हटाना चाहती है। वहीं कुमारस्वामी इसके जरिए लोगों के दिलों पर अपनी एक अमिट छाप छोड़ना चाहते हैं। कुमारस्वामी ने अपने विधायकों से बैठक के दौरान जोर देते हुए बताया था कि सत्ता पर काबिज होना उनकी पार्टी के लिए कितना महत्वपूर्ण है।
ऐसी खबरें थीं कि कांग्रेस और जेडीएस के कुछ विधायक चुनाव से पहले हुए दोनों पार्टियों के गठबंधन से नाराज हैं। इस बारे में पूछे जाने पर कुमारस्वामी ने कहा, 'आपसे किसने कहा? यह सब झूठी खबर है। यह सच नहीं है।' 30 महीने का पावर शेयरिंग फॉर्मूला तय होने की अफवाहों के बीच एचडी कुमारस्वामी सोमवार को दिल्ली पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण करने जा रहे कुमारस्वामी अपने दिल्ली दौरे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर उनसे सरकार गठन की प्रक्रिया पर चर्चा करेंगे और उन्हें शपथ ग्रहण समारोह का न्योता देंगे।
मुलाकात में मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर चर्चा होगी। ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस राज्य की 33 सदस्यों वाली कैबिनेट में अपने पास 20 मंत्रालय रखेगी। हालांकि 20 सीटों के बावजूद कांग्रेस का कैबिनेट में प्रतिनिधित्व कम ही रहेगा। कांग्रेस के पास राज्य की 68 सीटें हैं जबकि जेडीएस के पास 37 विधायक हैं। मुख्यमंत्री पद के अलावा जेडीएस अपने पास महत्वपूर्ण मंत्रालय जैसे कि वित्त, पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग को रखना चाहता है। कांग्रेस के महासचिव और कर्नाटक के प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने कहा, 'बुधवार को अकेले कुमारस्वामी मुख्यमंत्री पद के तौर पर शपथ लेंगे। इसके बाद गुरुवार को फ्लोर टेस्ट होगा। उसी दिन स्पीकर का चुनाव भी होगा।'