याद दिला दें कि घटना में 13 लोगों की मौत और 40 से ज्यादा लोग जख्मी हुए, जिनमें कई पत्रकार और कैमरापर्सन भी थे। यहां लोग महीनों से प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्टरलाइट फैक्ट्री से इलाके में प्रदूषण फैल रहा है। पिछले मंगलवार को ये प्रदर्शन हिंसक हो गए। जिसके बाद विपक्ष के नेता एमके स्टालिन ने तूतीकोरिन में तांबा संयंत्र बंद करने के लिए कैबिनेट की बैठक बुलाने और नीतिगत फैसला लेने की बजाए सरकारी आदेश जारी करने के लिए राज्य सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने सरकारी आदेश जारी करने को आंखों में धूल झोंकने वाली कोशिश बताई जो कि स्टरलाइट प्रबंधन को अदालत में जाने का मौका देता है। स्टालिन ने कहा कि यह फैसला 2013 में उठाए गए कदम के जैसा है। स्टालिन ने सरकार पर लोगों से बातचीत नहीं करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पलानीस्वामी का इस्तीफा मांगा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी विधानसभा की कार्यवाही का तब तक बहिष्कार करेगी जब तक कि संयंत्र को स्थाई तौर पर बंद नहीं किया जाता। बाद में उनकी अगुवाई में पार्टी विधायकों ने बहिर्गमन किया। इस दौरान द्रमुक सदस्य काले कपड़े पहने थे।