दिल्ली सरकार से फंड पाने वाले विश्वविद्यालयों के कुलपति अब विकास कार्यों पर पांच करोड़ रुपये तक का खर्च कर सकेंगे। सरकार ने एलजी से मंजूरी मिलने के बाद यह आदेश जारी कर दिया है। तत्काल प्रभाव से यह आदेश लागू हो गया है। शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया बीते कुछ माह से इस दिशा में काम कर रहे थे। वह नए काम के लिए विश्वविद्यालयों को सीधा अधिकार देने के पक्ष में थे।
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आदेश के बाद कुलपति अगर विश्वविद्यालय में विकास या शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कोई नया काम करते हैं। उसका बजट पांच करोड़ रुपये से कम है तो कुलपति के पास उसे मंजूरी देने का अधिकार होगा। कुलपति सीधे लोक निर्माण विभाग से यह काम करवा सकते हैं। वहीं, विश्वविद्यालय के रखरखाव के लिए साल में एक करोड़ रुपये तक खर्च करने का अधिकार मिलेगा। बताते चले कि दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय और गुरू गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय दिल्ली सरकार के अंतर्गत आते हैं।