वंचित बहुजन आघाड़ी प्रमुख प्रकाश आंबेडकर
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वंचित बहुजन आघाड़ी (वीबीए) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने इंडिया गठबंधन पर आरोप लगाया है कि उन्हें केवल बहुजनों का वोट चाहिए और कुछ नहीं। वे संसद में स्वतंत्र बहुजन का नेतृत्व नहीं चाहते। उन्होंने बाबा साहेब आंबेडकर का उपयोग किया और हमारे दर्शन को हाईजैक कर लिया।
आंबेडकर ने लोकसभा चुनाव में संविधान बदलने के प्रचार पर ट्वीट कर यह तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारतरत्न डॉ भीमराव आंबेडकर के पोते प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि इंडी गठबंधन में शामिल ये वही पार्टियां हैं, जिन्होंने सबसे पहले संविधान को कमजोर किया और जब भाजपा के नेतृत्व वाले में एनडीए-एक और दो के दौरान संविधान में संशोधन हो रहे थे, तब उन्होंने चुप्पी साध ली और नरम हिंदुत्व को अपना लिया।
बहुजनों ने गंवाया नेतृत्व का मौका
आंबेडकर ने कहा कि ये पार्टियां अपने महल को बचाने और उसे नए सिरे से बनाने के लिए बहुजनों के वोटों का इस्तेमाल करना चाहती थीं और उन्होंने ऐसा किया। आंबेडकर ने ट्वीट किया कि चुनाव में बहुजनों ने अपना स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व खड़ा करने और उसे संसद में भेजने का अवसर गंवा दिया है। हमारी लड़ाई हमेशा संविधान बचाने की रही है। उन्होंने सवाल किया कि वे बहुजन मतदाताओं को कितनी बार बेवकूफ बनाएंगे? आंबेडकर ने कहा कि अगर, ये पार्टियां संविधान बचाना चाहतीं, वंचितों और उत्पीड़ितों के लिए लड़ना चाहती तो वंचित बहुजन आघाड़ी बनाने की जरूरत नहीं होती।
आंबेडकर ने कहा कि हमारी शक्ति का स्रोत जय फुले, जय सावित्री, जय शाहू, जय भीम है। वंचितों के न्याय अधिकार और संविधान की रक्षा के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया है कि भविष्य में हम बड़ी ताकत और विश्वास के साथ जनता का समर्थन लेंगे और वापसी करेंगे। इस बार अकोला से उतरे प्रकाश आंबेडकर खुद तीसरे स्थान पर रहे थे और कई प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।