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Railway: भोपाल टू लखनऊ सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी, महीने के अंत में होगी शुरुआत, जानें रूट-किराया

Thu, 21 Aug 2025 05:50 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वंदे भारत
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मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश के लिए सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे ने दोनों राज्यों की राजधानी के बीच चलने वाली सेमी हाई स्पीड ट्रेन मंजूरी दे दी है। जल्द ही भोपाल-लखनऊ वंदे भारत के संचालन की अधिसूचना भी जारी हो सकती है। अभी दोनों शहरों के बीच करीब 15 ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। लेकिन ये ट्रेनें सफर के लिए 10 से 12 घंटे लेती है। भोपाल-लखनऊ वंदे भारत शुरू होने से करीब 720 किलोमीटर की यह दूरी 6 से 8 घंटे में पूरी हो जाएगी।

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दोनों प्रदेशों की राजधानियों के बीच संचालित होने ये वंदे भारत एक्सप्रेस चेयर कार होगी। इस रूट पर यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा होती है। इसलिए भोपाल रेल मंडल ने ज्यादा कोच वाली ट्रेन शुरू करने की मांग की थी। भोपाल रेल मंडल के अधिकारियों का कहना है कि,भोपाल-लखनऊ वंदे भारत में 4 अतिरिक्त कोच बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे रेलवे बोर्ड ने स्वीकृत कर लिया है। अब इस रूट पर 20 कोच वाली वंदे भारत का संचालन होगा। पहले इस ट्रेन को 16 कोच चलाने की योजना तैयार की गई थी। भोपाल-लखनऊ वंदे भारत का आधिकारिक नोटिफिकेशन अगस्त महीने के अंतिम सप्ताह में जारी हो सकता है।

रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, रेलवे ने भोपाल-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस की रैक भोपाल रेल मंडल को अलॉट कर दी है। लेकिन अभी रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर चल रहे पिट लाइन के काम के चलते इसे अभी पटरी पर नहीं उतारा जाएगा। जल्द ही तीसरी पिट लाइन का काम लगभग पूरा हो चुका है। रेलवे ठेकेदार को पिट लाइन सौंपने वाला है।
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दरअसल, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर तीसरी पिट लाइन बनाई जा रही है। इसका 99 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। निर्माण करने वाली कंपनी आखिरी अगस्त या सितंबर के पहले सप्ताह तक काम पूरा कर सकती है। इसके अलावा रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास आरओएच शेड बनाया जा रहा है, जहां वंदे भारत ट्रेन का मेंटेनेंस किया जाएगा। साथ ही अन्य ट्रेनों का भी मेंटेनेंस होगा जो कि संभवतः सितंबर महीने के अंत तक शुरू होगा। इसको बनाने में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत आई है।

यह केमटेक डिजाइन की पिट लाइन है, जो 2 पुरानी लाइनों की तुलना में अधिक तकनीकी संसाधनों से लैस है। जिस पर जर्मन कंपनी लिंक हाफमैन बुश (एलएचबी) के तकनीकी सहयोग से बनाए जा रहे नए कोच का आसानी से सुधार किया जा सकेगा। यहां एलएचबी कोच वाली ट्रेनों की ओवरहालिंग होगी। जबकि तीसरी पिट लाइन की ऊंचाई अधिक है, जिसमें रेलकर्मी कोचों के नीचे आसानी से खड़े रहकर सुधार कार्य कर सकेंगे। इसमें मशीनों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए पाथ-वे बने हुए हैं। इस पिट लाइन में कम समय से अधिक ट्रेनों का मेंटेनेंस किया जा सकेगा।
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