अपनी स्पीड और सुविधाओं के चलते वंदे भारत एक्सप्रेस यात्रियों को खूब भा रही हैं। इससे यात्रियों का समय तो बचता ही है, साथ ही उन्हें आरामदायक सफर में भी आनंद आ रहा है। फिलहाल दस वंदे भारत ट्रेन देश के अलग-अलग हिस्सों में चलाई जा रही हैं। जबकि भारतीय रेलवे अप्रैल से देश के अलग-अलग हिस्सों से चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन शुरू करने जा रहा है। यह पहला मौका होगा जब एक माह में चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन होगा।
भारतीय रेलवे के अनुसार, चार वंदे भारत एक्सप्रेस चलने को तैयार हैं। चारों ट्रेनें अगले माह से चलाई जाएंगी, जो देश के अलग-अलग हिस्सों से चलाई जाएंगी। इसमें से एक ट्रेन भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से नई दिल्ली के बीच चलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अप्रैल को भोपाल में ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, वंदे भारत को रानी कमलापति स्टेशन से नई दिल्ली दिल्ली के बीच हफ्ते में छह दिन चलाया जाएगा। शनिवार को इस रूट पर ट्रेन नहीं चलेगी। दरअसल, शनिवार को वंदे भारत के रैक का मेंटेनेंस किया जाएगा।
जबकि दो अन्य ट्रेनों को आठ अप्रैल को अलग-अलग समय पर झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसमें से एक हैदराबाद से तिरुपति और दूसरी चेन्नई से कोयंबतूर के बीच शुरू होगी। प्रधानमंत्री आठ को सुबह हैदराबाद से और शाम को चेन्नई से ट्रेन को रवाना करेंगे। वहीं, चौथी ट्रेन अजमेर से नई दिल्ली के बीच चलाई जानी है। हालांकि अभी इसकी तिथि तय नहीं हुई है।
10 में से 5 ट्रेनें चल रही है फुल
वंदे भारत ट्रेनों की बात करें तो 10 में से 5 वंदे भारत ट्रेन ऐसी हैं, जिनकी ऑक्यूपेंसी 100 प्रतिशत के पार जा पहुंची है। यानी इसमें प्रत्येक ट्रिप में सभी सीटें फुल चल रही हैं और ट्रेन वेटिंग में चल रही हैं। जबकि अन्य चार वंदे भारत की ऑक्युपेंसी 70 फीसदी के पार जा पहुंची है। उम्मीदों के मुताबिक यात्री इसमें सफर कर रहे हैं। जबकि एक वंदे भारत ट्रेन जो नागपुर-बिलासपुर के बीच चल रही है उसकी ऑक्युपेंसी 50 से 55 फीसदी के बीच है।
इन ट्रेनों को लेकर हाल ही में राज्यसभा में रिपोर्ट में पेश की गई। इसमें सामने आया है कि कि अहमदाबाद-मुंबई के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन सबसे ज्यादा ऑक्यूपेंसी और यात्रियों के साथ चल रही है। जबकि सबसे कम यात्री बिलासपुर-नागपुर रुट पर देखने को मिल रहे हैं। देश की सबसे पहली वंदे भारत वाराणसी-दिल्ली दूसरे स्थान पर है। यह ट्रेन चार साल पहले शुरू हुई थी।
भारतीय रेल द्वारा देश के विभिन्न भागो को जोड़ने के लिए 75 वंदे भारत कुर्सी यान ट्रेनों के विनिर्माण की योजना बनाई है। इसके आलावा वर्ष 2022-23 के बजट में बेहतर ऊर्जा क्षमता और बेहतर यात्रा अनुभव के साथ चार सौ नई पीढ़ी वंदे भारत ट्रेनों के विकास एवं निर्माण के संबंध में घोषणा की गई है। जबकि जल्द ही देश की 11वीं वंदे भारत जयपुर-दिल्ली के बीच फर्राटे भरेगी।