प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब नेशनल बैंक में 11,300 करोड़ रुपए का घोटाला करने वाले नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की कंपनी के 5,700 करोड़ रुपए के हीरे, उनकी संपत्ति और शोरुम जब्त किए गए हैं। हालांकि डायमंड इंडस्ट्री के विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इन हीरों की असली कीमत काफी कम है। एजेंसी जितनी कीमत बता रही है वह गलत है।
यहां तक कि प्रवर्तन निदेशालय के एक अधिकारी को भी डर लग रहा है कि हीरों की असली कीमत शुरुआती अनुमान से काफी कम हो सकती है। मगर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों इस बात को लेकर आश्वस्त हैं और उनका कहना है कि इनका फाइनल मूल्य 5,700 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकता है। प्रारंभिक जांच के बाद मूल्यांकन करने वालों का कहना है कि नीरव मोदी की कंपनी के रिकॉर्ड के हिसाब से हीरों की कीमत कहीं ज्यादा हो सकती है।
एक अधिकारी ने कहा- ज्यादातर हीरे गोदाम से सीज किए गए हैं और हमें विश्वास है कि नीरव की कंपनी ने उन्हें खरीद मूल्य के अनुसार वर्गीकृत किया है। हीरे का बिक्री मूल्य खरीद मूल्य से अधिक हो सकता है। हमारे एक्सपर्ट उनकी असली कीमत पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
दक्षिण मुंबई के एक ज्वैलर का कहना है कि इतनी सारी ज्वैलरी का हिसाब एक या दो दिन में लगा पाना नामुमकिन है। प्रवर्तन निदेशालय को इसका मूल्य पता करने में एक महीने का समय लगेगा। मुझे इसपर शक है। अगर नीरव मोदी के पास 6,000 करोड़ रुपए का माल है तो क्या आपको लगता है कि वह इतने बड़े आर्थिक संकट में होता?