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अनुमान से कहीं ज्यादा पुराने नोट आए वापस, दुविधा में पड़ी सरकार

Wed, 28 Dec 2016 01:35 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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राजकोट कैश - फोटो : ani
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8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपए के नोट पर बैन लगा दिया था। इसके बाद से 15.4 लाख करोड़ रुपए चलन से बाहर हो गए थे। उनका दावा था कि इससे कालेधन पर लगाम लगेगा और भ्रष्टाचार सामने आएगा। लेकिन, अब यह बात सामने आ रही है कि तकरीबन 14 लाख करोड़ रुपए बैंक में वापस आ गए हैं।
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अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, नोटबंदी के दौरान सरकार को अनुमान था कि  बैंकों में इसके अनुपात में तीन लाख करोड़ रुपए के नोट वापस नहीं आएंगे। यह तीन लाख करोड़ रुपए पूरी तरह से कालेधन के रूप में होगा।

नोटबंदी के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा था कि एक और अर्थ निकाला जा रहा है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) को उम्मीद थी कि वह सरकार को तीन लाख करोड़ करोड़ रुपए का कुल एक बड़ा लाभांश दे देगी।
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हालांकि, जमा हुए धन से यह संकेत मिल रहे हैं कि भारी मात्रा में बेहिसाब पैसा जमा हुआ है। अब सरकार अनुमान लगा रही है कि 2.5 लाख रुपए की लिमिट से ज्यादा पैसा आने पर भारी मात्रा में टैक्स मिलेगा। 
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नई योजना से रेवेन्यू की उम्मीद कर रही है सरकार

कैशलैस
सरकार ने 2.5 लाख करोड़ रुपए की सीमा से ज्यादा पैसा जमा कराने वालों पर 50 फीसदी जुर्माना और पूरी रकम का 25 फीसदी हिस्सा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में छोड़कर पाक साफ होने का एक और मौका दिया है।

सरकार इस घोषणा योजना से भी रेवेन्यू जुटाने की उम्मीद कर रही है। साथ ही, सालों से व्यवस्था से बाहर पड़े रुपये के सिस्टम में लौट आने का भी बड़ा फायदा होगा कि सस्ती ब्याज दरों पर कर्ज दिए जा सकेंगे।
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