8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपए के नोट पर बैन लगा दिया था। इसके बाद से 15.4 लाख करोड़ रुपए चलन से बाहर हो गए थे। उनका दावा था कि इससे कालेधन पर लगाम लगेगा और भ्रष्टाचार सामने आएगा। लेकिन, अब यह बात सामने आ रही है कि तकरीबन 14 लाख करोड़ रुपए बैंक में वापस आ गए हैं।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, नोटबंदी के दौरान सरकार को अनुमान था कि बैंकों में इसके अनुपात में तीन लाख करोड़ रुपए के नोट वापस नहीं आएंगे। यह तीन लाख करोड़ रुपए पूरी तरह से कालेधन के रूप में होगा।
नोटबंदी के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा था कि एक और अर्थ निकाला जा रहा है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) को उम्मीद थी कि वह सरकार को तीन लाख करोड़ करोड़ रुपए का कुल एक बड़ा लाभांश दे देगी।
हालांकि, जमा हुए धन से यह संकेत मिल रहे हैं कि भारी मात्रा में बेहिसाब पैसा जमा हुआ है। अब सरकार अनुमान लगा रही है कि 2.5 लाख रुपए की लिमिट से ज्यादा पैसा आने पर भारी मात्रा में टैक्स मिलेगा।