पूरे देश की निगाहें उत्तराखंड की ओर लगी हुई हैं। पूरा देश यह जानना चाहता है कि दिवाली के दिन से सुरंग में फंसे 41 श्रमिक कब तक बाहर आएंगे। सुरंग तक पहुंचने में लगातार आ रहीं बाधाओं के बीच उत्तरकाशी में एक बार फिर मौसम खराब हो सकता है और बचाव कार्य में कुछ बाधा आ सकती है। लेकिन इसी बीच एनडीएमए ने साफ कर दिया है कि आज की रात श्रमिकों की सुरंग में आखिरी रात होगी। वे कभी भी सुरंग से बाहर आ सकते हैं। लेकिन इसमें आज रात तक का समय भी लग सकता है।
हालांकि, एनडीएमए ने श्रमिकों के बाहर आने के बाद की तैयारियां पूरी कर रखी हैं। सुरंग के बाहर एंबुलेंस को तैयार रखा गया है। हर मौसम में काम करने वाले चिनूक हेलीकॉप्टर भी श्रमिकों को अस्पताल तक ले जाने के लिए तैयार रखे गए हैं। यह तैयारी मौसम की लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए की गई है। श्रमिकों के बाहर आते ही उन्हें उत्तरकाशी के एम्स अस्पताल ले जाया जाएगा, जहां उनकी पूरी देखभाल की जाएगी। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही श्रमिकों को उनके घर जाने दिया जाएगा। इस बीच उनके परिजन उनका हालचाल ले सकेंगे।
एनडीएमए के सदस्य एसए हसनैन ने कहा है कि वर्टिकल ड्रिलिंग और रैट माइनर्स के कारण श्रमिकों तक जल्द पहुंचने में सफलता मिली है। अब श्रमिकों और ड्रिलिंग करने वाली टीम के बीच कुछ ही मीटर का फासला बचा है। श्रमिकों तक कभी भी पहुंचा जा सकता है। लेकिन इसके बाद भी यह काफी चुनौतीपूर्ण कार्य है और संभावना इस बात की भी हो सकती है कि श्रमिकों तक पहुंचने में आज रात तक का समय लग जाए। हालांकि, एनडीएमए सदस्य यह मानकर चल रहे हैं कि आज की रात श्रमिकों की टनल में आखिरी रात होगी। वे जल्द ही हमारे साथ होंगे।