संसद के बजट सत्र के दूसरे हिस्से का आगाज सोमवार को हो गया। सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से सहयोग की अपील की। लेकिन जैसे की आशंका जताई जा रही थी सत्र की शुरूआत में ही उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन के मुद्दे को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने एक सुर में सरकार की आलोचना करते हुए केन्द्र और भाजपा को घेर लिया।
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने इस मुद्दे पर चर्चा शुरू की, इसके बाद उप नेता आनंद शर्मा ने तीखे शब्दों में इस मामले में केन्द्र सरकार पर हमला बोला। आजाद ने कहा कि सालभर से देख रहे हैं कि रुलींग पार्टी की तरफ से प्रयास किया जाता है कि सदन न चले। हमने देखा है कि इसी प्रकार से चुनी हुई सरकार अरुणाचल प्रदेश में गिराई गई। जानबूझकर केन्द्रीय सरकार तंग करती है प्रदेश सरकारों को।
इस पर भाजपा सदस्य और केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा जिन मुद्दों पर कोर्ट में सुनवाई चल रही है उन्हें सदन में उठाना सही नहीं है। नकवी के इस बयान पर विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। लगातार हंगामे के बीच राज्यसभा की कार्यवाही पहले 12 बजे फिर 2.10 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।