सीएम पुष्कर सिंह धामी और पीएम नरेंद्र मोदी।
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पीएम से मुलाकात के बाद अमर उजाला डिजिटल से चर्चा में सीएम ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की सीमाएं दो देशों से लगती हैं। साथ ही यहां की विशिष्ट भौगोलिक और सामाजिक स्थिति को देखते हुए सभी के लिए एक समान अवसर और एक समान क़ानूनी अधिकार देने के लिए यहां यूनीफॉर्म सिविल कोड की काफी जरूरी है, ताकि सभी को एक समान रूप से व्यक्तिगत और सामाजिक समानता प्रदान की जा सके। इसलिए प्रदेश में जल्द इसे लागू किया जाएगा।
राज्य में रोजगार के अवसर के सवाल पर सीएम धामी ने कहा कि हम इस सिद्धांत पर काम कर रहे हैं कि हमारे युवा रोजगार मांगने वाले नहीं रोजगार देने वाले बनें। सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए अभियान के रूप में कार्यवाही की जा रही है। उत्तराखंड में पूरे देश का सबसे बड़ा नकल विरोधी कानून इसलिए बनाया है कि प्रदेश के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का कोई खिलवाड़ ना हो सके। अब प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान साक्षात्कार का प्रतिशत काफी कम कर दिया जाएगा और किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के साक्षात्कार में 40 फीसदी से कम और 70 फीसदी से अधिक अंक नहीं दिए जा सकेंगे। समूह ‘ग’ की किसी भी परीक्षा में साक्षात्कार की व्यवस्था को खत्म कर दिया जाएगा।
सीएम ने बताया कि आज पीएम मोदी से मुलाकात कर उन्होंने उत्तराखंड के विकास में उनके मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही पीएम को चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं के बारे में अवगत भी करवाया। प्रधानंमत्री ने जोशिमठ के संदर्भ में केंद्र सरकार से हर संभव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री से अक्टूबर-नवम्बर 2023 में राज्य में प्रस्तावित इन्वेस्टर समिट के उद्घाटन के लिए समय देने का अनुरोध किया है। साथ ही पीएम से मानसखण्ड के अन्तर्गत जागेश्वर धाम, आदि कैलाश, पार्वती सरोवर, ओम पर्वत के दर्शन, लोहाघाट में मायावाती आश्रम की यात्रा के साथ ही सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में जनसम्बोधन एवं विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास के लिए आने का भी अनुरोध किया है।
विपक्षी एकता के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिस तरह बारिश के मौसम में सभी सांप, नेवले, मेंढक निकल आते हैं वैसे ही चुनाव के समय विपक्ष एक साथ आ जाता है। आज देश में एकमात्र नेता मोदी जी हैं, उन पर जरा सा भी किसी को संदेह नहीं है। पीएम मोदी कर्मयोगी हैं। भारत की आम जनता उन पर पूरा भरोसा करती है।