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Uttar Pradesh: न टिफिन बैठक कर पाए न ही लोगों से मिल पाए! यूपी में भाजपा के सांसदों और विधायकों का हाल

आशीष तिवारी
Updated Sun, 09 Jul 2023 03:49 PM IST

सार

सरल एप के माध्यम से भेजी गई जानकारी और केंद्रीय आलाकमान की जुटाई गई जानकारी में पता चला है की पूर्वांचल के कई जिले अपने टारगेट को पूरा नहीं कर पाए हैं। कौशांबी, प्रयागराज, भदोही, प्रतापगढ़, गाजीपुर, अमेठी, सुल्तानपुर, जौनपुर समेत कुछ और जिले ऐसे हैं जहां पर महा जनसंपर्क अभियान का तय टास्क पूरा नहीं हो सका।
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BJP - फोटो : Amar Ujala

 

फिलहाल अब उत्तर प्रदेश में इस अभियान को 15 दिन और बढ़ा कर पहले से दिए गए सभी टास्क को पूरा करने की जिम्मेदारी विधायकों और सांसदों को दी गई है। अब इस पूरे अभियान की रोजाना की मॉनिटरिंग उत्तर प्रदेश में पार्टी के प्रमुख जिम्मेदार नेता और केंद्रीय नेतृत्व करेगा। रविवार को इस पूरे मामले में भाजपा मुख्यालय में एक अहम बैठक आयोजित की जा रही है।


क्या विधायकों और सांसदों ने बरती लापरवाही?

एक जून से उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की ओर से महा जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की थी। सूत्रों के मुताबिक, इस महा जनसंपर्क अभियान के दौरान दिए गए टास्क को पूरा करने में उत्तर प्रदेश के कई सांसदों और विधायकों ने लापरवाही बरती। नतीजा हुआ कि जो तय टास्क था, वह एक महीने के भीतर पूरा ही नहीं हो पाया। 


पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के जिम्मेदार नेताओं ने जब एक महीने की पूरी रिपोर्ट को जाना तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। इस दौरान पता यही चला कि दी गई जिम्मेदारी को पूरा करने में कुछ विधायक और सांसदों ने लापरवाही की। ऐसी रिपोर्ट पर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से लेकर राज्य के जिम्मेदार लोगों ने एक अहम बैठक बुलाकर आगे की रणनीति बनाई। फिलहाल महा जनसंपर्क अभियान को पंद्रह दिनों के लिए उत्तर प्रदेश में और आगे बढ़ा दिया गया है।


टिफिन बैठक से लेकर अति विशिष्ट लोगों से मुलाकात तक नहीं की

सूत्रों के मुताबिक, एक महीने के इस पूरे अभियान में कई तरह की जिम्मेदारियां विधायकों और सांसदों समेत जिला अध्यक्ष और पार्टी पदाधिकारियों को दी गई थी। सूत्रों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी के केंद्र और राज्य के पदाधिकारियों ने जब एक महीने की रिपोर्ट निकलवाई तो पता चला कि कुछ विधायको और सांसदों ने तो लोगों के साथ होने वाली तय संख्या की टिफिन बैठके पूरी की और ना ही अपने अपने क्षेत्र के अति विशिष्ट लोगों से मुलाकात का टारगेट पूरा किया। 


सूत्रों के मुताबिक, अपने अपने क्षेत्र में प्रत्येक जनप्रतिनिधि को एक हजार अति विशिष्ट लोगों से सीधे संवाद करना था, लेकिन यह जनप्रतिनिधि 200 से 400 लोगों के बीच में ही सिमट कर रह गए। टिफिन बैठक में कुछ नेताओं की ओर से ऐसी ही कमी पाई गई। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के तहत केंद्र सरकार की 9 वर्ष की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का यह महा जनसंपर्क अभियान था। ऐसे में अब एक बार महा जनसंपर्क अभियान को पूरा करने के लिए कुछ वक्त और बढ़ाया जा रहा है।


यहां भी चूक गए माननीय

सूत्रों के मुताबिक, सिर्फ और सिर्फ लोगों से संवाद ही नहीं बल्कि कुछ विधायक और सांसद दो और भी दिए गए टास्क में पीछे रह गए। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर और हर विचारधारा के लोगों से मिलने के साथ साथ वर्कशॉप करने की भी जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन एक महीने की रिपोर्ट के बाद पता चला कि इस मामले में भी बहुत से जनप्रतिनिधि फिसड्डी रह गए। तय योजना के मुताबिक प्रत्येक सांसद को अपने जिले में कम से कम 80 से 90 सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर की वर्कशॉप करानी थी।
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इन जिलों में ज्यादा रही दिक्कत

पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सरल एप के माध्यम से भेजी गई जानकारी और केंद्रीय आलाकमान की जुटाई गई जानकारी में पता चला है की पूर्वांचल के कई जिले अपने टारगेट को पूरा नहीं कर पाए हैं। कौशांबी, प्रयागराज, भदोही, प्रतापगढ़, गाजीपुर, अमेठी, सुल्तानपुर, जौनपुर समेत कुछ और जिले ऐसे हैं जहां पर महा जनसंपर्क अभियान का तय टास्क पूरा नहीं हो सका। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जिन जिलों में और सांसदों तथा विधायकों के क्षेत्रों में इस तरीके की अधूरी जानकारियां सामने आई है उनको दोबारा पूरा करने की जिम्मेदारी फिर से दी गई है यही वजह है कि अब महा जनसंपर्क अभियान को पूरे प्रदेश में 15 जुलाई तक तो बढ़ा दिया गया है।


भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी कहते हैं कि इस महा जनसंपर्क अभियान को 15 दिनों के लिए बढ़ाया गया है। हालांकि उनका तर्क है कि इस महा जनसंपर्क अभियान में लोगों का जनसमर्थन इतना जबरदस्त तरीके से मिल रहा था कि पार्टी ने उसको 15 दिन और बढ़ाने की कार्य योजना बनाई है। त्रिपाठी कहते हैं कि केंद्रीय नेतृत्व की ओर से नरेंद्र मोदी सरकार के नौ साल की योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने और बताने के लिए भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता लोगों से मुलाकाते कर रहा है। उनका कहना है कि यह महा जनसंपर्क अभियान अपने तय वक्त के लिए ही है। लेकिन पार्टी प्रदेश में अपना जनसंपर्क अभियान लगातार जारी रखेगी।

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