दूसरी तरफ बसपा में जो भी हैं बहन जी और पार्टी प्रमुख मायावती हैं। मेवालाल गौतम पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं, लेकिन उनका काम मायावती के संदेश को मीडिया और बहुजन समाज पार्टी की भाई चारा बनाओं समिति समेत तमाम ईकाइयों तक पहुंचाना है। बसपा प्रमुख मायावती अपने खास सतीश चंद्र मिश्रा के साथ 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर संगठन में जान डालने की मंत्रणा कर रही है। सूत्र बताते हैं कि बसपा जमीन पर बड़ी तैयारी कर रही है। आकाश आनंद एक बार फिर यूपी से बड़ी तैयारी के साथ उतरेंगे। बसपा के काडर में मायावती के बाद सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला चेहरा आकाश आनंद ही हैं।
एसआईआर में गड़बड़ी मंजूर नहीं
संजय लाठर का कहना है कि हमारे पास बूथ स्तर पर हर जगह प्रहरी हैं। हम विरोध नहीं करेंगे। अपना 90-95 प्रतिशत पर पीडीए प्रहरी काम कर रहे हैं। हर स्तर पर, हर मोर्चे पर लड़ेंगे। हमारे पास साल भर का समय है। समाजवादी पार्टी एसआईआर से लेकर किसी भी मुद्दे पर कोई कोशिश कामयाब नहीं होने देगी।
बसपा ने भी एसआईआर के मुद्दे पर कमर कस ली है। सभी क्षेत्रों में बीएलए की सूची सौंपने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। बूथ स्तर पर मतदाता सूची के निरीक्षण को लेकर कांग्रेस भी गंभीर है। जहां कांग्रेस का संगठन मजबूत स्थिति में है, वहां तेजी से प्रयास चल रहे हैं।
दूसरे राज्य के नेताओं के संपर्क में हैं अखिलेश यादव
बिहार विधानसभा चुनाव का नतीजा आने के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कमर कस ली है। अखिलेश यादव तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लगातार संपर्क में हैं। मई 2026 में तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। अखिलेश यादव तमिलनाडु में एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके के समर्थन में प्रचार के लिए जा सकते हैं। इसी तरह से वह तृममूल कांग्रेस के साथ भी राजनीतिक रिश्तों को मजबूती देने में लगे हैं।