मांडविया ने बताया कि महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत, सरकार ने मासिक धर्म स्वास्थ्य की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 1 रुपये प्रति पैड पर जन औषधि सुविधा सेनेटरी नैपकिन लॉन्च किया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को बताया कि तीन वर्ष में देशभर में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना केंद्रों के माध्यम से 35 करोड़ से अधिक जन औषधि सुविधा सेनेटरी पैड बेचे गए हैं। मांडविया ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में सेनेटरी पैड का इस्तेमाल 12 फीसदी से बढ़कर 45 फीसदी तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर यह लगभग 30 फीसदी से बढ़कर 55 फीसदी तक पहुंच गया है।
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उन्होंने महिलाओं और बच्चों के विकास के मोर्चे पर पिछले नौ वर्षों में सरकार की उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मोदी सरकार के शासन में देश में महिलाओं की भूमिका और स्थिति में भारी बदलाव आया है। उन्होंने कहा की महिलाओं की सेहत को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत महिलाओं को एक रुपये में सेनेटरी पैड दिए जा रहे हैं। ये पैड 10,000 से अधिक जन औषधि केंद्रों में बेचे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए वन नेशन वन हेल्पलाइन शुरू की गई और वन-स्टॉप सेंटर की पहल भी शुरू की गई। देशभर में 733 वन स्टॉप सेंटर स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 703 सक्रिय हैं।
जन औषधि केंद्रों पर एक रुपये में उपलब्ध पैड
मांडविया ने बताया कि महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत, सरकार ने मासिक धर्म स्वास्थ्य की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 1 रुपये प्रति पैड पर जन औषधि सुविधा सेनेटरी नैपकिन लॉन्च किया है। ये पैड 10,000 से अधिक जन औषधि केंद्रों पर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना शुरू की गई, जो गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिससे मां और बच्चे के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार होता है।
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सरकार वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए स्वास्थ्य तंत्र को करेंगे विकसित
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान का नारा देते हुए केंद्र सरकार एक मजबूत स्वास्थ्य अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र बनाएगी, जो हमारी वैश्विक प्रतिस्पर्धा को चलाने के लिए जुड़वां इंजन होंगे। स्वास्थ्य मंत्री बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान (एनआईएमआर) में पांच नई सुविधाओं के उद्घाटन पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा, भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जय अनुसंधान एक बहुत ही महत्वपूर्ण सिद्धांत है। स्वास्थ्य मंत्री ने एक परीक्षण अनुसंधान प्रयोगशाला, इनोवेशन कॉम्प्लेक्स, कॉन्फ्रेंस हॉल कॉम्प्लेक्स और 300 सीट वाले सभागार का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ इमारतें नहीं हैं बल्कि स्वास्थ्य के मंदिर हैं, जिनकी आज देश को अपने स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवश्यकता है।