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Politics: राष्ट्रपति बनने के बाद से इतनी फ्री स्टाइल बॉक्सिंग क्यों कर रहे ट्रंप? भारत पर कर रहे लगातार हमला

सार

Politics: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका से लौट आए, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बयानबाजी जारी है। ट्रंप ने भारत के चुनाव में दखल का बात कही। वहीं, यूक्रेन को लेकर अपने रुख से यूरोप में हलचल पैदा कर दी है, जबकि वह रूस और चीन पर चुप हैं।
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डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका से लौट आए, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'फ्री स्टाइल बाक्सिंग' जारी है। राष्ट्रपति बनने के बाद से ट्रंप के बयानों और कदमों को लेकर दुनियाभर में हलचल मची है। वह चीन और रूस पर चुप हैं। ब्रिक्स और भारत पर लगातार हमलावर हैं। आखिर ट्रंप की इस फ्री स्टाइल बाक्सिंग का राज क्या है?
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने राष्ट्रपति ट्रंप के एक खुलासे पर प्रेस वार्ता में चिंता जताई। ट्रंप का दावा है कि भारत के चुनाव में यूएसएआईडी के जरिए होने वाली फंडिंग का मकसद चुनाव को प्रभावित करना था। ट्रंप ने यह बयान यूएसएआईडी की वित्तीय मदद को रोकने के अपने फैसले के बचाव में दिया है। भारत में राष्ट्रपति ट्रंप के इस बयान ने हलचल पैदा कर दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश के अंदरूनी मामले में विदेशी दखल चिंताजनक है। जायसवाल ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी प्रशासन द्वारा अमेरिकी गतिविधियों और फंडिंग के बारे में दी गई जानकारी देखी है। भारत सरकार का कहना है कि इसे लेकर जांच शुरू कर दी गई है। राष्ट्रपति ट्रंप के इस बयान पर भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय और कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा आमने-सामने हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को घेरा है, तो कांग्रेस नेता ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर सवाल उठाया है।  

ट्रंप दुनिया में कैसे मचा रहे हैं हलचल?
यूक्रेन और वहां के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप का रुख यूरोप को तंग कर रहा है। उन्होंने जेलेंस्की को कॉमेडियन और बिना चुनाव वाला 'तानाशाह' कह दिया। इसको लेकर यूक्रेन में हलचल है। यूरोप में फ्रांस जैसे देश ट्रंप के यूक्रेन पर रुख को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि ट्रंप यूक्रेन में जेलेंस्की को राष्ट्रपति के पद से हटाना चाहते हैं। उच्च स्तरीय अधिकारी चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने भारत, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका के संगठन ब्रिक्स में फूट पड़ने का दावा कर दिया है। भारत को 'टैरिफ किंग' और 'ट्रेड सरप्लस' कहने वाले ट्रंप ने नई दिल्ली के कान में भी कई सवाल डाल दिए हैं। राष्ट्रपति बनते ही उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन की वित्तीय मदद रोकने और जलवायु परिवर्तन से बाहर आने की घोषणा कर दी। नाटो को लेकर बड़ा बयान दिया। कुल मिलाकर अभी ट्रंप का इरादा पूरी दुनिया में एक हलचल पैदा करने का है।
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...लेकिन रूस, चीन पर खामोश और कर रहे हैं पुतिन से मिलने की तैयारी
राष्ट्रपति ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के लिए दोनों देशों के वार्ताकार सक्रिय हैं। रणनीतिकार इसकी रुपरेखा बनाने में जुट गए हैं। राष्ट्रपति पुतिन ने खुद इसकी जानकारी सार्वजनिक की है। दूसरी तरफ, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शांत हैं। राष्ट्रपति ट्रंप भी चीन को चिढ़ाने वाला कोई वक्तव्य जारी करने से बच रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि चीन अभी अमेरिकी राष्ट्रपति की हर चाल पर बारीक नजर रख रहा है।

विदेश मामले के जानकार रंजीत कुमार कहते हैं कि अभी ट्रंप क्या करने वाले हैं, यह समझ में कम ही आ रहा है। चीन से अमेरिका का कारोबारी तनाव चल रहा था, लेकिन अभी ट्रंप अपनी नीतियों को अपने हिसाब से मोड़ने में जुटे हैं। उनका पहला मकसद यूक्रेन में युद्ध को रुकवाना है। वह चुनाव में भी यह वादा कर चुके थे। उनकी मंशा साफ दिखाई भी दे रही है। ऐसा लग रहा है कि इस महीने के अंत तक वह राष्ट्रपति पुतिन से मिलकर आगे के रोडमैप पर चर्चा करेंगे। दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप अभी रूस और चीन जैसी महाशक्तियों को छेड़ने के मूड में नहीं है।
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